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किस विभाग का कितना रहा योगदान, बनाई जा रही सूची

Tue, 13 Dec 2016 12:26 AM IST
सेवा सिंह/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र
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पहली बार मनाए गए अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती समारोह के संपन्न होते ही अब अगले वर्ष मनाए जाने वाले समारोह पर सभी की निगाहें टिक गई है। इस समारोह को लेकर जहां पर्यटकों से लेकर शिल्पकारों व कलाकारों में भी साल भर लालसा बनी रहेगी वहीं अधिकारियों के लिए भी चुनौती के रुप में पूरा साल खड़ा रहेगा। अगली बार यह समारोह नवंबर माह में मनाया जाएगा, जो 19 नवंबर से शुरू होकर 30 नवंबर तक चलेगा।
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इसी दिन ही समारोह के समापन पर माघ शुक्ल एकादशी होगी। अहम स्तर पर यह समारोह 25 नवंबर से 30 नवंबर तक माना जा रहा है। हालांकि अभी यह अधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन ने इसे ही तय मान लिया है। जिसके अनुसार इस समारोह को सफल बनाने को लेकर खाका तैयार करना शुरू कर दिया है। पिछले 27 वर्षों के इतिहास मेें इस बार ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह समारोह आयोजित किया गया, जिसमें प्रशासन केे साथ-साथ प्रदेश सरकार व केंद्र सरकार भी पूरी तरह गंभीर रही। वहीं कई प्रशासनिक अधिकारी स्वीकार कर रहे है कि विदेशी कलाकारों की भी कमी खली तो वहीं विदेशी शिल्पकारों का अभाव भी सरस व क्राफ्ट मेले में बना रहा। यहां तक कि ब्रह्मसरोवर तट पर स्टॉल लगाए जाने व उनकी पूरी व्यवस्था को लेकर भी कई अधिकारी खुले तौर पर कुछ खामियां स्वीकार कर रहे है।

अगली बार फूंक-फूंक कर रखेंगे कदम
प्रशासनिक तौर पर अगले वर्ष होने वाले समारोह के प्रति अधिक गंभीरता दिखाई देगी। इस बार रही कई खामियों को देख फूंक-फूंक कर कदम रखे जाएंगे, जिसके लिए ही अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रशासन के अनुसार ही इस बार समारोह के प्रति कई विभागों की रुचि कम आंकी गई, जिसके चलते प्रशासनिक स्तर पर विभागीय रिपोर्ट भी तैयार की जाने लगी है।
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स्टॉल पंजीकरण सहित अधिकतर कार्य आनलाइन होंगे संपन्न
अगले वर्ष के लिए तय की जा रही योजना के अनुसार शिल्पकारों के स्टॉलों के लिए पंजीकरण से लेकर अनेकों अन्य कार्य आनलाइन किए जाएंगे। अन्य प्रकार से कार्यों को लेकर टेंडर आदी की प्रक्रिया भी आनलाइन किए जाने की योजना है। प्राथमिक तौर पर तय की जा रही योजना के अनुसार सबसे अधिक जोर प्रचार-प्रसार पर दिया जाएगा।

और भी बहुत कुछ करने की जरूरत : डीसी
डीसी सुमेधा कटारिया का कहना है कि पहली बार मनाया गया गीता जयंती समारोह हालांकि सफल रहा, लेकिन और भी बहुत कुछ किए जाने की जरुरत है। कई ऐसे कार्य भी है जो समारोह की गरिमा को और भी बढ़ा सकते है। इस बार कुछ प्रशासनिक स्तर पर भी अधिक विभागों का प्रदेश व केंद्र स्तर पर योगदान लिए जाने की जरूरत है। अगले वर्ष 19 से 30 नवंबर को यह समारोह होने की संभावना है, जिसके अनुसार  ही प्रारंभिक तौर पर कार्यों का खाका तैयार किया जाना शुरू कर दिया है। पूरे वर्ष भर इस पर कार्य किया जाएगा। इस बार समारोह में रही कुछ खामियों से उभरते हुए अगले समारोह को और अधिक भव्य रुप दिया जाएगा।
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