कुरुक्षेत्र। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी का विवाद और गहरा गया है। प्रधान जगदीश सिंह झींडा की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में कमेटी के नामित सदस्य एवं पहली कमेटी में धर्म प्रचार कमेटी की कमान संभाल चुके बलजीत सिंह दादूवाल पर न केवल गंभीर आरोप लगाए गए। उनकी सदस्यता खत्म करने के लिए सिख ज्यूडिशियल कमीशन और चुनाव कमीशन से सिफारिश करने का फैसला भी लिया गया।
हालांकि कमेटी की शुक्रवार को होने वाली बजट बैठक पर एक दिन पहले वीरवार को सिख ज्यूडिशियल कमिशन द्वारा रद्द कर दी गई लेकिन कमेटी कार्यालय में प्रधान जगदीश सिंह झींडा की अध्यक्षता में अनौपचारिक बैठक की गई। बैठक में 34 सदस्यों के शामिल होने का दावा किया गया।
बैठक के बाद जारी सूचना में आरोप लगाते हुए बताया गया कि बलजीत सिंह दादूवाल पर 15 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। वे हरियाणा कमेटी के प्रबंधन में जबरदस्ती करते हैं तो अड़चनें भी डाल रहे हैं। दादूवाल पर पहले भी गुल्लक की रकम की बंदरबाट करने के आरोप लगा चुके हैं जांच के बाद उन्हें यह रकम कमेटी में वापस जमा कराने को लेकर चेतावनी भी दी गई है। मीटिंग में नियमित शामिल न होने वाले सदस्यों को हटाए जाने का फैसला किया गया। बैठक में लिए गए फैसलों की प्रति मुख्यमंत्री के अलावा सिख ज्यूडीशियल व चुनाव कमिशन को भी भेजी गई है। इस दौरान प्रधान जगदीश सिंह झींडा के अलावा बलविंद्र सिंह, बलजीत सिंह, कुलदीप सिंह मुलतानी, करनैल सिंह, पलविंद्र सिंह, प्रकाश सिंह साहूवाल, हरमनप्रीत सिंह, इंद्रजीत सिंह सहित अन्य पदाधिकारी व सदस्य शामिल होने का दावा किया गया।
नगर कीर्तन में शामिल न होने की दी धमकी
बैठक में कमेटी ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब की 350 साला शहीदी शताब्दी को समर्पित नगर कीर्तन पूरे हरियाणा में सरकार ने निर्धारित किए हैं, इसके लिए कमेटी को विश्वास में नहीं लिया गया। सरकार ने 25 नवंबर को कुरुक्षेत्र में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब की शताब्दी को समर्पित कार्यक्रम रखा है, उस दिन गीता जयंती भी है। ऐसे में नगर कीर्तन के दौरान गुरु साहिब की बेअदबी का अंदेशा है। सरकार बैठक कर गुरु साहिब की मर्यादा की जिम्मेदारी ले, अन्यथा कमेटी के 34 सदस्य न तो नगर कीर्तन में शामिल होंगे न कोई सहयोग करेंगे।
दादूवाल बोले- झींडा खुले आरोप साबित करें, मैं इस्तीफा दे दूंगा
बलजीत सिंह दादूवाल का कहना है कि उन पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। यह झूठ है कि उन पर 15 मामले दर्ज है। आरोप लगाने वाले उन पर पांच मामले भी साबित कर दें तो वे खुद इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने बताया कि कमेटी की ओर से उन पर सिर्फ एक मामला था, जिसमें भी पूरी स्थिति स्पष्ट हो चुकी है। उन्होंने कोरम पूरा न होने का आरोप लगाते हुए कहा, कमेटी की बैठक के लिए आवश्यक 34 की जगह सिर्फ 30 सदस्य ही उसमें शामिल हुए। कोरम पूरा न होने के कारण कमेटी कोई फैसला नहीं ले सकती।