संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी को स्वच्छ बनाए जाने के दावे नगर व जिला प्रशासन की ओर अनेक वर्षों से किए जा रहे हैं तो अब मुख्यमंत्री के खास निर्देशन व अभियान शुरू करने के बाद फिर प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
अधिकारी देश के स्वच्छ शहरों में धर्मनगरी को शामिल करने के प्रयास के बीच सड़कों पर उतरे हुए हैं लेकिन आज भी जिम्मेदारों का आंगन ही मैला पड़ा है। नगर परिषद कार्यालय परिसर में ही स्थित शौचालय लंबे समय से बदहाल है।
यहां तक कि शौचालय से यूरिन पोट तक गायब है जबकि आसपास के सैकड़ों दुकानदार व यहां आने वाले लोगों के लिए यह उपयोगी है लेकिन जिम्मेदारों द्वारा संभाल न लिए जाने के चलते परेशानी झेलनी पड़ती है।
12 लाख से बने शौचालयों पर लटका ताला ः नगर प्रशासन की ओर से वर्ष 2016 में करीब 12 लाख रुपये खर्च कर ई-शौचालय बनाए गए थे लेकिन वर्तमान में इन पर ताला लटका हुआ है जबकि यह मुख्य बाजार का सबसे व्यस्ततम एरिया है। सैकड़ों दुकानदार ही नहीं हजारों लोग हर रोज यहां पहुंचते हैं। शौचालय सुविधा न मिल पाने के चलते खासतौर पर महिलाओं को ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है।
उधर जाट धर्मशाला के समीप भी चौक पर स्थापित किए गए ई- शौचालय का महज ढांचा ही खड़ा है जबकि बाकी पूरी तरह से गायब हो चुका है।
18 शौचालय प्रयोग में, ताला लगने का मामला संज्ञान में नहीं ःनप ईओ अभय यादव का कहना है कि शहर में 18 सार्वजनिक शौचालय सही रूप में प्रयोग में हैं और इनकी संभाल भी लगातार की जाती है ताकि लोगों को असुविधा न हो। कार्यालय परिसर के बाजार की ओर स्थित शौचालय का जिम्मा पार्किंग फर्म को दिया हुआ है और उसे जल्द दुरुस्त कराया जाएगा। वहीं बाजार में ई-शौचालय पर ताला लगने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। इसकी भी जांच करवा जल्द सुचारू कराया जाएगा।
कुरुक्षेत्र। नगर परिषद कार्यालय परिसर में स्थित शौचालय से यूरिन पोट ही हो गए गायब। संवाद