फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kurukshetra News: कैसे हो हमारे देश के स्मार्ट सिटी, जम्मू से लेकर असम तक के इंजीनियर विशेषज्ञों ने किया मंथन

विज्ञापन
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। एनआईटी कुरुक्षेत्र में सिविल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से आयोजित राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में स्मार्ट शहरों की आधारभूत संरचना पर विशेषज्ञों ने मंथन किया। जम्मू से लेकर असम तक के करीब 15 राज्यों के तकनीकी संस्थानों के विशेषज्ञों, इंजीनियरों, वास्तुकारों व प्रशासकों ने शनिवार को मंथन करते हुए कहा कि विभागीय तालमेल के साथ योजनाबद्ध तरीके से कार्य किए जाएं, सड़कें बार-बार न टूटें, सिग्नल से लेकर वाहनों की ड्राइविंग भी ऑटोमेटिक हो। हर छोटे घर से लेकर बड़ी इमारत तक भूकंप, बम व मिसाइल रोधी हो, सीवरेज, पेयजल, इलेक्ट्रिसिटी सहित अन्य सभी सुविधाएं समुचित व पूरी तरह से व्यवस्थित हो। लोगों को अत्याधुनिक सुविधाएं मिलें।
विज्ञापन

कॉन्फ्रेंस में चर्चा की गई कि फिलहाल शहरों में 35 फीसदी आबादी रहती है जबकि भविष्य में यह लगातार बढ़ने की संभावना है। इसी के चलते स्मार्ट शहर की आधारभूत संरचना तैयार करनी होगी। कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ एनआईटी निदेशक डॉ. बीवी रमन्ना रेड्डी ने किया तो वहीं पहले दिन 150 से ज्यादा शोधकर्ताओं ने शोध पत्र भी प्रस्तुत किए। इस मौके पर विख्यात निजी वास्तुकारों से लेकर इंजीनियर भी शामिल रहे तो वहीं प्रदेश सरकार के हाउसिंग बोर्ड के चीफ इंजीनियर काबूल सिंह भी पूरी चर्चा में मौजूद रहे।
निदेशक डॉ. बीवी रेड्डी ने कहा कि किसी शहर को स्मार्ट बनाने को लेकर सिविल इंजीनियरिंग विभाग ही पर्याप्त कार्य नहीं कर सकता बल्कि इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, कंप्यूटर इंजीनियरिंग, व मैकेनिकल सहित अन्य संबंधित विभागों का भी उतना ही योगदान रहेगा। ऐसे में सभी मिलकर ही स्मार्ट शहरों की वैज्ञानिक तौर पर परिकल्पना साकार कर सकते हैं। कॉन्फ्रेंस के पहले दिन मैन ऑफ इनोवेटिव टेक्नोलॉजी एवं फादर ऑफ अफोर्डेबल हाउसिंग कहे जाने वाले देश के प्रख्यात वास्तुकार एवं इंजीनियर प्रमोद अदलखा ने मुख्य तौर पर स्मार्ट शहरों की परिकल्पना पर विस्तार से चर्चा की तो वहीं अन्य विशेषज्ञों ने भी गहन मंथन किया।
विज्ञापन



इंजीनियरों के दल ने किया कुरुक्षेत्र भ्रमण
पहले दिन कॉन्फ्रेंस में जम्मू एंड कश्मीर, असम, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, राजस्थान, बिहार, उत्तराखडं व झारखंड सहित 15 से ज्यादा प्रदेशों के विशेषज्ञ, इंजीनियर, वास्तुकार एवं शोधार्थी शामिल हुए। कॉन्फ्रेंस के बाद विशेषज्ञों के दल ने देर शाम जहां मां भद्रकाली मंदिर में माथा टेका तो वहीं ब्रह्मसरोवर, सन्निहित सरोवर, ज्योतिसर तीर्थ सहित अन्य तीर्थ स्थलों का भ्रमण भी किया और जमकर सराहना भी की।


आज दोपहर बाद संपन्न होगी राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस : प्रो शर्मा
कॉन्फ्रेंस के संयोजक एवं एनआईटी सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. एचके शर्मा ने बताया कि कॉन्फ्रेंस रविवार को दोपहर बाद संपन्न होगी। सभी तथ्यों का एक कमेटी द्वारा बारीकी से अध्ययन किया जाएगा तो इसमें शोध पत्रों से निकले निष्कर्ष को शामिल किया जाएगा। इस पर एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जो केंद्र सरकार को भेजी जानी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें