कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में दीपोत्सव, संत सम्मेलन, तीर्थ सम्मेलन, राज्यस्तरीय प्रदर्शनी मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेंगे। महोत्सव को यादगार बनाने में असम का पवेलियन भी अहम भूमिका अदा करेगा। इस महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम 17 से 24 दिसंबर तक होंगे। महोत्सव का समापन दीपदान के साथ होगा, लेकिन इस बार दीपदान 23 दिसंबर को होगा, जबकि समापन 24 दिसंबर रविवार को होगा। दीपदान को दीपोत्सव के रूप में मनाया जाएगा। ब्रह्मसरोवर के तट पर एक लाख दीये जगमगाएंगे। इसको लेकर सभी सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के साथ आमजन को आमंत्रित किया गया है।
महोत्सव में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ मुख्य मेहमान होंगे। ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में गीता पूजन के साथ महोत्सव की शुरुआत करेंगे, वहीं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में बतौर मुख्यातिथि मौजूद रहेंगे। महोत्सव में असम साझेदार राज्य होगा, जिसमें असम की संस्कृति, कला एवं खानपान से लेकर जीवनशैली को प्रदर्शित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गीता महोत्सव को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप भी मिल चुका है, अभी तक मॉरीशस, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और लंदन में महोत्सव का आयोजन हो चुका है, वर्ष 2024 में यूएसए में गीता महोत्सव मनाया जाएगा, वहीं श्रीलंका की ओर से भी गीता आयोजन का निमंत्रण भेजा गया है।
संत सम्मेलन में दिया जाएगा नशा मुक्ति का संदेश
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में 22 दिसंबर को संत सम्मेलन का आयोजन होगा, जिसमें देशभर के संत महात्माओं द्वारा नशा मुक्ति का संदेश दिया जाएगा। हालांकि इस दौरान गीता की महत्ता व आध्यात्म और धर्म से जुड़े मसलों पर भी मंथन होगा। मगर उन्होंने गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद से आग्रह किया है कि संत सम्मेलन में नशे के दुष्परिणाम और उससे मुक्ति दिलाने के उपायों को भी सुझाया जाए।