कुरुक्षेत्र। हिंदू पंचांग के अनुसार, रविवार को फाल्गुन पूर्णिमा के अवसर पर शाम 6:33 के बाद होलिका दहन होगा, क्योंकि इस समय भद्रा का पुच्छ काल होगा जो शाम 7: 53 तक रहेगा। ऐसे में इस समय के बीच होलिका दहन करना शुभ माना गया है ।
गायत्री ज्योतिष अनुसंधान केंद्र संचालक डॉ रामराज कौशिक का कहना है कि भारत में कोई चंद्र ग्रहण दिखाई नहीं देगा और जो दूसरे देशों में दिखाई दे रहा है, यह भी एक उपछाया चंद्र ग्रहण है। इसका कोई भी दुष्प्रभाव नहीं होता। अतः रविवार को होलिका दहन और सोमवार को रंगों का त्योहार मनाया जाएगा।
पंडित रामराज कौशिक के मुताबिक, भारतीय समय के अनुसार यह चंद्र ग्रहण 25 मार्च को सुबह 10 बजकर 23 मिनट से शुरू होगा जो दोपहर तीन बजकर दो मिनट तक रहेगा, यह एक उपछाया चंद्र ग्रहण होगा। इसकी कोई धार्मिक मान्यता नहीं होगी यानी इसमें सूतक काल मान्य नहीं होगा। इस दिन ग्रहण के नियम भी लागू नहीं होंगे और सारे धार्मिक कार्य किए जा सकते हैं।
विदित हो कि फाल्गुन पूर्णिमा 24 मार्च को सुबह 9 बजकर 54 मिनट से प्रारंभ हो रही है, जो 25 मार्च को दोपहर 12 बजकर 29 मिनट पर समाप्त हो रही है। ऐसे में होलिका दहन 24 मार्च और रंगों वाली होली 25 मार्च को खेली जाएगी। इस साल होलिका दहन 24 मार्च को है।
होलिका दहन 24 मार्च को शाम 06:35 बजे से रात 7:53 बजे तक
भद्रा पुच्छ : 24 मार्च को शाम 06:33 बजे से शाम 07:53 बजे तक
भद्रा मुख : 24 मार्च को शाम 07:53 बजे से रात 10:06 बजे तक
पूर्णिमा तिथि : 24 मार्च को सुबह 09:55 बजे से 25 मार्च को दोपहर 12:30 बजे तक