शाहाबाद की बेस्ट स्ट्राइकर रानी रामपाल को न्यूजीलैंड जाने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम की कमान सौंपी गई है। टीम न्यूजीलैंड के मिडलैंडस में 5 टैस्ट मैच खेलेगी। 20 सदस्यीय टीम में रानी रामपाल के अलावा नवजोत व मोनिका भी टीम में शामिल है। खेल प्रेमियों में जहां रानी रामपाल के कप्तान बनने की खुशी है वहीं टीम में रितु रानी का न होना खल रहा है।
द्रोणाचार्य अवार्डी कोच बलदेव सिंह ने कहा कि अच्छे प्रदर्शन के लिए टीम में रितु का होना अत्यंत आवश्यक था और टीम को उसकी कमी अवश्य खलेगी। 4 दिसंबर 1994 को शाहाबाद के रामपाल के घर में जन्मी रानी ने 2003 में हॉकी खेलना शुरू कर दिया था और 2009 में चैंपियन चैलेंज टूर्नामेंट में भारत की ओर से 4 गोल स्कोर किए थे।
उस समय भी उसे यंग प्लेयर ऑफ टूर्नामेंट व टॉप गोल स्कोरर का अवार्ड मिला था। मात्र 15 वर्ष की आयु में 2010 में उसने विश्वकप में हिस्सा लिया था और वह टूर्नामेंट की सबसे कम उम्र की खिलाड़ी थी। जिसमें 7 गोल करके रानी ने वर्ल्ड वुमैन हाकी रैंकिंग में नौंवा स्थान प्राप्त किया था। 2013 के जूनियर वर्ल्ड कप में भी रानी को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का अवार्ड मिला था। रानी रामपाल से खेल प्रेमियों को बहुत आशा है।