हरियाणा सरकार ने राइस मिलर्स की लंबित मांगों को पूरा करते हुए 2024-25 के सीजन के लिए होर्डिंग चार्ज माफ करने का फैसला लिया है। साथ ही, बोनस वितरण की अंतिम तिथि को बढ़ाया गया है।
प्रदेश के खाद्य आपूर्ति नागरिक एवं उपभोक्ता विभाग के मंत्री राजेश नागर ने कहा है कि प्रदेश के राइस मिलर्स का वर्ष 2024-25 का होर्डिंग चार्ज माफ कर दिया गया है। बोनस 15 मार्च से बढ़ाकर 30 जून तक का किया गया है। इस संबंध में प्रदेश के अधिकारियों व केंद्रीय मंत्री से भी बातचीत हो चुकी है। अधिकारियों को मिलर्स की मांगें 15 दिन में पूरी करने के लिए आदेश दिए जा चुके हैं। नागर मंगलवार को राइस मिलर्स की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
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राइस मिलर्स को नहीं होगी परेशानी
राजेश नागर ने कहा धान खरीद के सीजन में राइस मिलर्स की तरफ से किसानों को कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए। सरकार राइस मिलर्स को कोई परेशानी नहीं आने देगी। इस बीच राइस मिलर्स पिहोवा के प्रधान सतीश सैनी ने कार्यक्रम में राइस मिलर्स की मांगों को मंत्री के सामने रखा। मंत्री ने कहा हरियाणा कृषि प्रधान प्रदेश है। यहां पर यदि किसान दुखी होता है तो मान लीजिए प्रदेश सरकार ही दुखी है। राइस मिलर्स की तरफ से किसानों को कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए। उन्होंने कहा, मिलर्स की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को अवगत करवाया गया था, जिस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित सभी विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर उनकी मांगों का समाधान निकालने के निर्देश दिए। इतना ही नहीं केंद्रीय मंत्री से बात करके केंद्र सरकार की तरफ से पूरी की जाने वाली मांगो को भी मनवाने का काम किया है।
मंत्री राजेश नागर ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने राइस मिलर्स के जल्द भुगतान व एफसीआई गोदामों में स्टोरेज की कमी को आगामी दो साल तक पूरा करने का भरोसा दिया है। राइस मिलर्स ने जिन नई बातों से आज अवगत करवाया है। उनसे भी मुख्यमंत्री को अवगत करवाकर पूरा करवाया जाएगा। इससे पहले मिलर्स ने प्रदेश स्तरीय बैठक कर अपनी मांगों पर चर्चा की। इस मौके पर पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, भाजपा नेता सुभाष कलसाना, पालाराम ढांड, राजेश कंसल इस्माइलाबाद, हंसराज सिंगला प्रधान, मक्खन सिंगला, रमेश चंद, राजकुमार गुप्ता करनाल, जयसिंह सोलूमाजरा, अमरजीत छाबड़ा, राजेंद्र कुमार, सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
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नई पॉलिसी में मिलर्स से बैंक गारंटी मांगे जाने का पेंच अभी फंसा है। इस संबंध में बुधवार को मिलर्स को खाद्यमंत्री राजेश नागर ने चंडीगढ़ में बुलाया है, जहां इस मांग का भी समाधान निकाला जाएगा। मिलर्स एसोसिएशन के चेयरमैन ज्वैल सिंगला का कहना है कि बैंक गारंटी वापस लेनी होगी, यह सरकार के लिए बड़ा कार्य नहीं है। इसके बाद मिलर्स अपना पंजीकरण करवाकर कार्य शुरू कर देंगे। उम्मीद है कि बुधवार की बैठक में यह मांग भी पूरी हो जाएगी।