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ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब में अकालियों की घेराबंदी, महिलाएं भी शामिल

Sat, 19 Jul 2014 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
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अक्तूबर 2009 की घटना दोबारा न दोहराई जा सके। इसके लिए समय रहते ही शिरोमणि अकाली दल ने घेराबंदी कर दी है। घेराबंदी भी ऐसी, जिससे बचकर निकलना मुश्किल है।
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इसमें अकालियों का साथ देने के लिए अमृतसर से एसजीपीसी ने 40-50 सदस्यों की टास्कफोर्स जत्था भी तैनात कर दिया है। गुरुद्वारा साहिब में अलग-अलग स्थानों पर शिरोमणि अकाली दल बादल के नेता व कार्यकर्ता ड्यूटी देते नजर आए, जबकि एक जत्था मुख्य द्वार के साथ कुर्सियां पर दिन भर बैठा नजर आया।

खास बात तो यह है कि गुरुद्वारा साहिब में डटे जत्थे में महिलाएं भी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का संघर्ष करने वाले जगदीश सिंह झींडा छह जुलाई को कैथल में हुए सिख सम्मेलन में सबसे पहले कुरुक्षेत्र स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब पातशाही का प्रबंध संभालने की बात कह चुके हैं।
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इसी के हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनने से रोकने में असफल रही एसजीपीसी और शिरोमणि अकाली दल ने कडे़ तेवर अख्त्यिार कर लिए हैं।

तय रणनीति के अनुसार शिरोमणि अकाली दल के करीब 300 कार्यकर्ता गुरुद्वारा साहिब में डट गए हैं। इतना ही नहीं, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने अमृतसर से कुरुक्षेत्र के लिए टास्कफोर्स एक जत्था भेजा है।

जत्थे में लगभग 40-50 सदस्य शामिल हैं। अकाली दल के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ गुरुद्वारा साहिब में तैनात टास्क फोर्स के सदस्य भी पहरे में जुटे हैं।

गुरुद्वारा साहिब के दोनों प्रवेश द्वारों पर तैनात वर्कर संगत पर नजर रखे हैं। गुरुद्वारा साहिब में हो रही हर गतिविधि पर एसजीपीसी वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विर्क संभाले हैं। मद्देनजर अब शिरोमणि अकाली दल हरियाणा तथा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पहले से ही सतर्क दिख रही है।

2009 में किया था कब्जा
अक्तूबर 2009 में जब हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का संघर्ष हो रहा था, तो उस दौरान जगदीश सिंह झींडा अपने समर्थकों सहित गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी में पहुंचे और उन्होंने कार्यालय का दरवाजा खुलवाकर प्रबंध संभाल लिया।

गुरुद्वारा साहिब पर कब्जा करने की घटना का पता चलते ही एसजीपीसी अधिकारियों में हड़कंप मंच गया और फिर स्वयं जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़ सहित अन्य पदाधिकारी यहां पहुंचे थे।

रात को जिम्मेदारी टास्क फोर्स पर
पता चला है कि अमृतसर से आई टॉस्क फोर्स रात को मोर्चा संभालेगी। रात के समय कब्जे जैसी कोई भी घटना न हो इसके मद्देनजर टॉस्क फोर्स के अधिकतर सदस्य रात्रि को ही तैनात होंगे, जबकि कुछ सदस्य दिन में भी नजर आए।

हर आने-जाने वाले पर पैनी नजर
गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी पर कब्जे जैसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए गुरुद्वारा साहिब में आने वाली संगत पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। सीसीटीवी कैमरों और सेवादार इसमें अहम भूमिका निभा रहे हैं।

विर्क रख रहे हैं हर गतिविधि पर नजर
एसजीपीसी वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विर्क स्वयं हर गतिविधि पर नजर रखे हैं। मैनेजर ऑफिस में बैठकर सीसीटीवी के जरिये विर्क गुरुद्वारा साहिब में कहां क्या चल रहा है, इन सारी गतिविधियों पर ध्यान दे रहे हैं।

मुख्य रूप से गुरुद्वारा साहिब में मौजूद
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मेंबर हरभजन सिंह मसाना, शिरोमणि अकाली दल हरियाणा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष जोगिंदर सिंह अहरवां, वरिष्ठ उपाध्यक्ष तजिंदर पाल सिंह ढिल्लों, जसवंत सिंह दुनियामाजरा, कर्मबीर सिंह कंग, सुखजिंद्र सिंह मसाना, अमरजीत सिंह नंबरदार, जगतार सिंह पिहोवा, प्रेम सिंह लाडवा, ऊधम सिंह, बीबी अमरजीत कौर, बलकार सिंह, जरनैल सिंह, जगीर सिंह शाहाबाद, मनजीत सिंह शाहाबाद सहित अन्य अकाली कार्यकर्ता मौजूद रहे।

सरकार ने मनी बिल पास किया है : विर्क
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री अमृतसर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विर्क ने कहा कि सरकार ने अलग कमेटी का नहीं, बल्कि मनी बिल पास किया है। इंटर स्टेट संस्था को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

एकजुटता का परिचय दिया है दिल्ली में
एसजीपीसी वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विर्क ने कहा कि अकाली दल के साथ मिलकर संगत ने अपनी एकजुटता का नमूना दिल्ली में दे दिया है।

भारी तदाद में सिख संगत दिल्ली में एकत्रित हुई और सोनिया गांधी के निवास का घेराव किया गया। ऐसा ही नजारा हरियाणा में भी देखने को मिल सकता है।

दिन में होता रहा विचार-विमर्श
रघुजीत सिंह विर्क के साथ शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेताओं ने विचार-विमर्श किया। हरियाणा सरकार द्वारा अलग कमेटी बनाने के चलते भविष्य की रणनीति बनाने के लिए विर्क से अकाली नेताओं ने खूब मंथन किया। यह विचार-विमर्श काफी देर तक चलता रहा।
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