High price of the green vagitable
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कुरुक्षेत्र। त्योहारी सीजन शुरू होते ही सब्जियों के बढ़े रेट से रसोई का बजट बिगड़ गया है। हरी सब्जी आम लोगों की पहुंच से बाहर हो गईं है। लोगों के खाने का स्वाद और थाली की रंगत भी फीकी हो गई है। अगले 15 दिन तक सब्जी के भावों में गिरावट नहीं आएगी। यह कहना है सब्जी विक्रेता का। मध्यम वर्ग के लोगों को कोल्ड स्टोर में रखे आलू की सब्जी और अरहर की दाल से काम चलाना पड़ रहा है।
लोगों का कहना है अब 100 रुपये की सब्जी खरीदने पर थैला नहीं भरता। बढ़ते रेट के कारण सब्जी विक्रेता भी किलो के भाव पाव और आधा किलो में बताने लगे हैं। व्यापारियों के मुताबिक थोक और बाजार में सब्जी के दामों में 35 से 40 प्रतिशत का अंतर आ गया है। सब्जी का स्वाद बढ़ाने और सजावट में उपयोग आने वाली हरी धनिया आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गई। थोक में 250 रुपये और फुटकर में 400 से 410 बिक रही है। थोक व्यापारी संजीव ने बताया कि सब्जी का ज्यादा स्टाक इसलिए नहीं रखते कि सब्जी खराब होने का खतरा बना रहता है। इसलिए मांग के अनुसार किसानों से सब्जी खरीदते है।