कुरुक्षेत्र। जिला न्यायालय परिसर में एक महिला सरकारी अधिवक्ता महीनों तक कार्यालय के ही एक चपरासी के व्यवहार से परेशान रही। 8 अगस्त की सुबह वे अपने चैंबर में पहुंची तो उनकी कुर्सी पर एक प्रेम-पत्र और फूल रखे मिले। अदालत परिसर की दीवारों पर भी इसी तरह के पोस्टर चिपकाए गए थे। इस मामले में शिकायत के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था।
अब इस मामले में 5 दिसंबर को सुनवाई की जाएगी। पीड़िता का आरोप है कि जॉइनिंग के पहले दिन से ही उनके कार्यालय में चपरासी के पद पर कार्यरत जगाधरी के रहने वाला महेंद्र उर्फ मोहिंद्र उनका पीछा करने के साथ आपत्तिजनक टिप्पणियां करता था। पिछले वर्ष 4 अगस्त को गैलरी में अकेला पाकर आपत्तिजनक तरीके से हाथ पकड़ा था और इस वर्ष 22 मार्च को फोन पर अश्लील भाषा का प्रयोग किया था।
दोनों बार बिना शर्त लिखित में माफी मांगने के बावजूद उसकी हरकतें जारी रहीं। 8 अगस्त को हुई घटना के बाद पीड़िता ने तुरंत थाना शहर थानेसर में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने उसी दिन आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
गत शुक्रवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. मोहिनी की अदालत ने चालान और साक्ष्यों की जांच के बाद पूरा मामला ऊपरी न्यायालय को भेज दिया। क्योंकि धारा 75 (2) केवल सत्र न्यायालय की ओर से विचारणीय है, इसलिए अब मामले में 5 दिसंबर को अभियुक्त को अदालत में पेश किया जाएगा, तब तक वह न्यायिक हिरासत में रहेगा।