कुरुक्षेत्र। सेक्टर 17 धर्मनगरी का दिल कहलाता है लेकिन इसकी अनदेखी आज भी ज्यों की त्यों है। यहां सड़कें टूटी हैं और सफाई व्यवस्था भी दुरूस्त नहीं है। भले ही इसके लिए जिम्मेदार बदले जाते रहे लेकिन सेक्टर के हालात नहीं बदल पाए।
कभी हुडा पूरी तरह से जिम्मेदार रहा। पिछले कई वर्षों से सेक्टर चार, 10 के साथ इसे भी नगर प्रशासन के हवाले कर दिया गया था। वहीं जनवरी माह में ये सेक्टर फिर हुडा को सौंप दिए गए जिसके बाद विभाग की ओर से सफाई कार्य के लिए निजी फर्म को कार्य भी सौंपा। हालांकि फरवरी माह की शुरुआत में इसका असर भी दिखाई दिया लेकिन अब फिर कचरे के ढेर लगने लगे हैं। सबसे व्यस्त फूड मार्केट में ही दिनभर कचरे के ढेर के आसपास ही रेहड़ियां लगी रहती हैं जिससे बीमारी फैलने की भी आशंका बनी रहती है। वहीं सेक्टर के अन्य हिस्सों में भी उम्मीद अनुसार सफाई नहीं हो पाई है।
रेजिडेंट वेल्फेयर एसोसिएशन के पूर्व प्रधान राजेश्वर गोयल ने कहा कि प्रशासन इस सेक्टर की शुरुआत से ही अनदेखी करता रहा है जिसका खामियाजा यहां संपत्ति मालिकों से लेकर विभिन्न प्रतिष्ठान चलाने वाले व यहां आने वाले छात्र-छात्राओं व अन्य लोगों को भी भुगतना पड़ता है। इससे स्वच्छता के दावों को भी झटका लग रहा है।
पार्क के दोनों ओर गलियां बनी तालाब
सेक्टर के बीचोंबीच स्थित पार्क के दोनों ओर भी रविवार को हुई बारिश के बाद गलियां तालाब बनी हुई है, जहां जमा हुआ दूषित पानी भी बीमारियों को आमंत्रण दे रहा है। सेक्टरवासियों का कहना है कि अब ऐसे हालात है तो बारिश के सीजन में क्या होंगे, सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
सेक्टर में जहां 97 एससीओ हैं, वहीं करीब 250 बूथ हैं। रेजिडेंट वेल्फेयर एसोसिएशन के अनुसार इन एससीओ व बूथों से करीब 12:30 लाख रुपये गार्बेज चार्ज भी वसूला जा रहा है।
संबंधित फर्म से ली जाएगी रिपोर्ट : मनोज
एचएसवीपी के अधीक्षक मनोज कुमार ने कहा कि नगर परिषद से वापस लिए गए सभी सेक्टरों में सफाई व्यवस्था के लिए निजी फर्म को काम सौंपा हुआ है जिससे रिपोर्ट ली जाएगी। वहीं मुआयना भी किया जाएगा।
नगर परिषद ईओ राजेश कुमार का कहना है कि अब इन सेक्टरों की सफाई आदि कार्यों को दुरूस्त किए जाने का जिम्मा एचएसवीपी विभाग के पास ही है।