स्वास्थ्य और खेल मंत्री अनिल विज ने दावा किया है कि प्रदेश के प्रत्येक
जिले में मेडिकल कॉलेज खुलने से स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी और गरीब
विद्यार्थी भी डॉक्टर बन सकेंगे।
प्राइवेट मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में
वसूली जा रही भारी भरकम फीस से भी आम आदमी को छुटकारा मिलेगा। विज
शनिवार को भाजपा नेता सुदर्शन कालड़ा के निवास पर पत्रकारों से बात कर रहे
थे। विज ने कहा कि शाहाबाद के मीरी पिरी मेडिकल कॉलेज अस्पताल को शुरू करने
में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने देंगे।
जल्द ही इस कॉलेज को शुरू
करने का प्रयास किया जाएगा। इस संदर्भ में एक पत्र कॉलेज प्रबंधक समिति के
चेयरमैन को लिखा गया है। शाहाबाद में पोस्टमार्टम की सुविधा शुरू किए जाने
की मांग पर विज ने कहा कि कुरुक्षेत्र के डीसी से इस बारे में सर्वे कराया
जाएगा। उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही निर्णय होगा।
उन्होंने कहा कि पहले
प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
उसके बाद ही सेवाओं के लिए डॉक्टरों की जवाबदेही तय होगी। विज ने बताया कि
प्रदेश में 761 डॉक्टरों की भर्ती की गई है। इनमें से 389 डॉक्टरों को
नियुक्ति पत्र मिल गया है।
225 ने ड्यूटी ज्वॉइन भी कर ली है। अस्पतालों
में 650 पैरा मेडिकल स्टाफ की मांग की गई है। इन पदों के लिए शीघ्र ही
भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में एमआरआई और
डायलसिस मशीनें लगाई जाएंगी। प्रदेश के अस्पतालों में जरूरी सुविधाएं
उपलब्ध करवाने के लिए 64 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
अस्पतालों के मेडिकल
स्टाफ की सुरक्षा के लिए प्रदेश के डीजीपी को पत्र लिखा है। वहां से एनओसी
मिलने के बाद निजी एजेंसियों से सुरक्षा में मदद ली जा सकेगी।