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स्वास्थ्य विभाग 216 तो परिवहन ने किये मात्र दो चालान, कैसे होंगे तंबाकू मुक्त

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कुरुक्षेत्र।रेहड़ी लगा कर बीड़ी, सिगरेट व तंबाकू बेचता दुकानदार - फोटो : Kurukshetra
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प्रदेश सरकार ने बेशक हरियाणा के तंबाकू मुक्त बनाने के लिए ‘आयें हरियाणा तंबाकू मुक्त बनायें’ का नारा दिया हो, लेकिन पुलिस, रेलवे, परिवहन, सूचना एवं लोक संपर्क, शिक्षा और आबकारी एवं कर विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों ने पिछले डेढ़ वर्ष से कोई पहल ही नहीं की। जिला स्वास्थ्य विभाग ने अप्रैल 2019 से जून 2020 तक मात्र सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करने वाले 216 लोगों के चालान किये हैं, जिनसे 15 हजार 700 रुपये जुर्माना के रूप में वसूल किये हैं। वहीं, परिवहन विभाग डेढ़ साल में मात्र दो चालान कर मात्र 340 रुपये वसूलकर स्वयं अपनी पीठ थपथपा रहा है। इसके अलावा अन्य विभागों ने तंबाकू मुक्त बनाने के लिए कोई रुचि ही नहीं दिखाई। हालांकि सरकार ने स्वास्थ्य, पुलिस, शिक्षा विभाग सहित 12 विभागों को कोटपा अधिनियम 2003 के तहत कार्रवाई करने का अधिकार दिया है, लेकिन बावजूद इसके शहर के प्रत्येक शिक्षण संस्थान के नजदीक रेहड़ियों, फड़ियों, चाय और करियाना की दुकानों पर जहां खुली सिगरेट और तंबाकू बेचा जा रहा है, वहीं होटल और रेस्टोरेंट में सरेआम कोटपा अधिनियम की अवहेलना की जा रही है। (संवाद)
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खुली सिगरेट बेचने और सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करने पर कोटपा के तहत होती है कार्रवाई
- सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करने पर 200 रुपये जुर्माना।
- तंबाकू उत्पादों पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष विज्ञान करने पर 2 साल की कैद, हजार रुपये जुर्माना।
- दूसरी बार करने पर पांच साल की कैद और पांच हजार रुपये तक जुर्माना।
- अव्यस्क को तंबाकू उत्पाद बेचने तथा बिकवाने पर 200 रुपये जुर्माना।
- तंबाकू उत्पाद बेचने वाले स्थान पर चेेतावनी बोर्ड न लगाने पर 200 रुपये जुर्माना।
- शिक्षण संस्थानों के 100 गज के घेरे में तंबाकू उत्पाद बेचने पर 200 रुपये जुुर्माना।
- तंबाकू उत्पादों पर चित्र सहित स्वास्थ्य चेतावनी न छपी होने पर पहली बार 2 साल की कैद, 500 रुपये जुर्माना।
- दूसरी बार पांच वर्ष तक की कैद और दस हजार रुपये तक जुर्माना।
- खुली सिगरेट, बीड़ी तथा अन्य तंबाकू उत्पाद बेचने पर पहली बार एक साल की कैद, हजार रुपये जुर्माना।
- दूसरी बार 2 साल की कैद, तीन हजार रुपये तक जुर्माना।
तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत इन 12 विभागों की है जिम्मेदारी
1. स्वास्थ्य विभाग : - तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को नियमित रूप से चलाने, पर्यवेक्षण, समीक्षा करने के लिए नोडल एजेंसी।
2. पुलिस प्रशासान : - उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कोटपा एक्ट के तहत कार्रवाई करना
- मासिक अपराध समीक्षा बैठक में कोटपा एक्ट को लागू करने के लिए किए गए कार्यों
की समीक्षा करना
- किशोर न्याय अधिनियम के अंतर्गत नाबालिग को तंबाकू उत्पाद बेचने या पेश करने वाले
दुकानदार पर कार्रवाई करना।
- सार्वजनिक परिवहन या ड्राइविंग करते समय बीड़ी-सिगरेट पीने वालों पर कार्रवाई करना।
- होटल या रेस्टोरेंट में हुक्काबार चलाने वालों पर कार्रवाई करना।
3. शिक्षा विभाग : -कोटपा एक्ट की धारा-4 वा धारा 6-बी को सभी शैक्षणिक संस्थानों में लागू करवाना और उन्हें 'तंबाकू-मुक्त कैंपस' घोषित करना।
4. खाद्य एवं औषधि प्रशासन : -खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के अंतर्गत सुगंधित/स्वादिष्ट/चबाने वाले तंबाकू उत्पादों पर प्रतिबंध को क्रियांवित करना।
- कोटपा की धारा 5 और 7 की उल्लंघना करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना।
- हर माह पान मसाला के सैंपल लेना और होटल और रेस्टोरेंट में हुक्काबार की सेवा मुहैया करने, खाद्य पदार्थों के साथ तंबाकू उत्पाद बेचने पर उनके फूड सेफ्टी का लाइसेंस रद्द करना।
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5. शहरी निकाय विभाग
- कोटपा एक्ट की समस्त धाराओं को लागू करवाना और उल्लंघना करने वाले के विरुद्ध कार्रवाई करना।
- विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी सार्वजनिक स्थलों, शहर में लगने वाले मेलों, साप्ताहिक बाजारों आदि को तंबाकू
मुक्त घोषित करवाना।
6. सूचना एवं लोक संपर्क विभाग : -लोगों को तंबाकू के हानिकारक प्रभावों एवं तंबाकू कंट्रोल से जुड़े अधिनियमों संबंधी जानकारी देना।
- जागरूकता के लिए पर्चे, पुस्तिकाएं, पोस्टर, बैनर एवं अन्य पढ़ने योग्य सामाग्री तैयार करना।
7. आबकारी एवं कर विभाग :
-तंबाकू के गैर-कानूनी व्यापार का रोकना तथा तंबाकू के व्यापार में होने वाली टैक्स चोरी को रोकना।
-तंबाकू उद्योग के पंजीकरण एवं तंबाकू उत्पादों पर स्वास्थ्य संबंधी सचित्र स्वास्थ्य चेतावनी को प्रकाशित करवाना।
8. नापतोल विभाग :
-लीगल मैट्रोलोजी एक्ट के अंतर्गत विदेशी तंबाकू उत्पादों के पैकेट्स पर उत्पाद बनाने की तिथि, पता, ग्राहक सेवा नंबर, ई-मेल आदि न होने पर कार्यवाही करना।
9.श्रम विभाग :
-तंबाकू उत्पादों के 85 प्रतिशत भाग पर सचित्र स्वास्थ्य चेतावनी प्रकाशित करवाना।
-तंबाकू उत्पाद बना रही फैक्ट्रियों का पंजीकरण करना।
10.ग्रामीण विकास एवं पंचायती विभाग : -गांवों में पंचायत द्वारा तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को क्रियानवित करवाना।
11. परिवहन विभाग : -सभी सार्वजनिक वाहनों को तंबाकू धुआं मुक्त घोषित करना।
-सार्वजनिक वाहनों जैसे राजकीय बसों में तंबाकू उत्पादों के प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष विज्ञापनों को रोकना।
-सार्वजनिक वाहनों पर तंबाकू विरोधी नारे, संदेश इत्यादि लिखवाना।
12. रेलवे मंत्रालय : -रेल-गाड़ियों और स्टेशनों को तंबाकू मुक्त मुक्त घोषित करना।
- रेलवे अधिनियम 1989 के तहत धूम्रपान करने वालों को जुर्माना करना।
स्वास्थ्य विभाग ने किये 216 चालान, परिवहन विभाग ने मात्र 2 : डॉ. रमेश
तंबाकू कार्यक्रम के उप सिविल सर्जन डॉ. रमेश सभ्रवाल ने बताया कि सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करने वालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने ही कार्रवाई करते हुए 216 चालान कर 15 हजार 700 रुपये वसूल किये हैं। परिवहन विभाग ने मात्र दो चालान कर 340 रुपये वसूल किये हैं। इसके अलावा किसी विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की।
आज बैठक में संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिये जाएंगे आदेश : डीसी
उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ ने कहा कि डेढ़ साल में मात्र 218 चालान बहुत कम हैं। अब खुली सिगरेट बेचने, सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने सहित कोटपा अधिनियम की उल्लंघना करने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। इस संदर्भ में आज सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक ली जाएगी। सभी विभागों की यह जिम्मेदारी होगी कि वह अपने अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में कोटपा एक्ट की सभी धाराओं को लागू करें और उल्लंघना होने पर कार्रवाई करें।
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