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तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि खेतों में बिछी बर्फ की चादर

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Havy Rain - फोटो : Kurukshetra
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कुरुक्षेत्र, लाडवा, पिहोवा। सोमवार को बारिश के साथ हुई भारी ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। लाडवा क्षेत्र में सात से आठ ग्राम वजनी ओलों की सफेद चादर ने खेतों को ढक लिया। इस दौरान खेतों में लहला रही गेहूं की फसल सहित प्याज, आलू, गोभी व मटर की सब्जियों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं ओलावृष्टि के कारण क्षेत्र की सड़कों पर शिमला जैसा नजारा देखने को मिला। दूर-दूर तक सफेद चादर से ढकी सड़कों पर राहगीरों को सफर करने में परेशानी हुई। वहीं जिलेभर में करीब 10 एमएम बारिश से शहर की कई सड़कों पर पानी जमा हो गया। गांव मथाना के किसान विकास ने बताया कि पहले तो करीब 12 बजे दस मिनट तक ओलावृष्टि हुई उसके बाद दो बजे तेज बारिश के साथ लगातार आधा घंटा जलकर ओले बरसे, जिससे खेतों में खड़ी फसल व सब्जियों के साथ-साथ पशुओं के चारे को भी नुकसान पहुंचा है।
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ओलावृष्टि के साथ हुई तेज बारिश से जन जीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया। बारिश से शहर की कई कॉलोनियां में पानी जमा हो गया। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि सोमवार सुबह से ही आसमान में घने बादल व कोहरा छाया हुआ था तथा सर्द हवाएं चल रही थी। तेज हवाओं के चलने से पारा भी गिरकर नौ डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। तापमान में हुई अचानक गिरावट का असर भी देखने को मिला। लोग अपने घरों में दुबकने का मजबूर हो गए। उधर, कोहरे के कारण सड़क पर वाहन भी रेंगते नजर आए। लोगों को अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। गत शनिवार से तीन दिन पहले हुई बूंदाबांदी व बारिश के बाद शनिवार को धूप निकलने से लोगों ने राहत की सांस ली थी। जिससे मौसम में कुछ गर्माहट बढ़ गई थी। इसके अगले रविवार को धूप निकलने से पारा 20 डिग्री के पास पहुंच गया था। दो दिन निकली धूप से बाजारों में भी रौनक लौट आई थी, लेकिन सोमवार को हुई तेज बारिश से इस पर असर देखने को मिला। इसके साथ-साथ क्षेत्र में कई जगह भी ओलावृष्टि से नुकसान पहुंचा। उधर, तेज बारिश से किसानों की चिंताएं भी बढ़ा दी है। तेज बरसात से खेतों में पानी जमा हो गया। जिससे गेहूं की फसल पर खराब होने का खतरा मंडरा रहा है। खेतों में पानी जमा होने से फायदे की जगह अब नुकसान होने के आसार भी बन गए है। किसानों का कहना कि अधिक बरसात से पानी गेहूं के खेतों में जमा हो गया है। जिसका बुरा असर गेहूं की फसल पर होगा। इसके अलावा इस बरसात से आलू, टमाटर की फसल सहित अन्य सब्जियों को भी भारी नुकसान होने का अनुमान है।
ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को भी होगा नुकसान
ओलावृष्टि के साथ हुई इस बारिश से गेहूं की फसल पर बुरा असर पड़ेगा। तेज बारिश के कारण खेतों में पानी जमा हो गया, जिससे गेहूं की जड़ को गलने का खतरा है। इससे गेहूं का पौधा पीला पड़ जाएगा। इससे गेहूं के पौधे का फुटाव नहीं होगा तथा निकासी पर भी बुरा प्रभाव पड़ेगा। इससे पहले हुई बूंदाबांदी व बारिश ने खेतों में नमी लाने का काम किया था। उस बारिश ने गेहूं की फसल पर खाद जितना फायदा किया था तथा बाद में निकली धूप सोने पे सुहागा थी। लेकिन अब हुई बारिश से फसल को नुकसान ही होगा।
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सब्जियों की फसल को सबसे ज्यादा होगा नुकसान
इस तेज बारिश से सब्जियों की फसल को काफी नुकसान होगा। इससे आलू, टमाटर, तोरी सहित लगभग सभी सब्जियों की फसल को ज्यादा नुकसान होने की संभावना है। किसान कुलवंत सिंह ने बताया कि सब्जियों की फसल को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती है। इस समय लगभग सब्जी की सभी फसलें पक कर तैयार है। अब हुई बारिश से उनके खराब होने का खतरा मंडरा रहा है। इसका असर सब्जियों की कीमत पर भी पड़ेगा। लगभग सभी सब्जियों के दाम में वृद्घि होगी।

Havy Rain- फोटो : Kurukshetra

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