संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। हरियाणा सिख एकता दल गुरुद्वारा चुनाव में नहीं उतरेगा लेकिन प्रदेश के सभी 40 वार्डों में संगत की बैठकें कर ऐसे अमृतधारी गुरसिखों को संगत की ओर से चुनने के लिए प्रेरित किया जाएगा जो प्रदेश के गुरुद्वारा साहिब की मान मर्यादा को किसी भी कीमत पर भंग न होने दें।
इसे पद न समझकर सेवा समझें, किसी राजनीतिक दल के प्रभाव अथवा दबाव में न आएं और गुरु की गोलक का इस्तेमाल अपनी राजनीति चमकाने के लिए नहीं बल्कि सिख कौम के हित व गुरुबानी के प्रचार प्रसार में खर्च करें।
हरियाणा सिख एकता दल ने यह फैसला गुरुद्वारा बैकुंठ धाम में हुई अहम बैठक में लिया। इस दौरान 19 जनवरी को चुनाव कराए जाने का स्वागत किया तो वहीं बताया कि यह प्रदेश के सिख समाज की एकजुटता का परिणाम है। इसके चलते ही प्रदेश के गुरुघरों के संचालन के लिए पहली चुनी हुई कमेटी मिलेगी।
बैठक में हरियाणा सिख एकता दल की कोर कमेटी के सदस्य प्रीतपाल सिंह पन्नु, अमृतपाल सिंह बुग्गा, एडवोकेट गुरतेज सिंह सेखों, लखविंदर पाल सिंह गरेवाल, जसबीर सिंह वड़ैच, अमीर सिंह, हरपिंदर सिंह विर्क (अजराना) भी शामिल रहे। वहीं इस दौरान मांग उठाई कि एडहॉक कमेटी को भंग कर किसी आईएएस व आईपीएस अधिकारी या फिर हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज को दो महीने के लिए प्रबंधक नियुक्त करे और उसके अंतर्गत पांच सदस्यीय कमेटी बनाकर चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक गुरुद्वारा साहेब के सामान्य व रुटीन खर्चों को करने की जिम्मेदारी दी जाए।
उन्होंने मुख्य चुनाव 19 जनवरी को ही करवाने लेकिन नॉमिनेशन भरने की तिथि 29 दिसंबर से करने की अपील भी की ताकि शहीदी गुरुपर्व के बाद सभी इसमें जोर शोर से हिस्सा ले सकें।स