कुरुक्षेत्र। हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन (हसला) की राज्य कार्यकारिणी की बैठक रविवार को राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के सदन में आयोजित की गई।
बैठक में विभिन्न जिला प्रधानों ने ट्रांसफर ड्राइव में अनावश्यक विलंब, ऑनलाइन टीचर डायरी का विरोध, सीसीएल के सरलीकरण, मेडिकल बिलों के लंबित भुगतान, एसीपी मामलों में देरी, शिक्षकों के लिए मेडिकल लीव प्रावधान, गैर शैक्षणिक कार्यों में प्राध्यापकों की ड्यूटी, प्राचार्य पद पर पदोन्नति का सरलीकरण, स्थायीकरण व वरिष्ठता सूची जारी करने और कॉलेज कैडर में पदोन्नति जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
राज्य प्रधान सतपाल सिंधु ने कहा कि यदि दिवाली तक ट्रांसफर ड्राइव प्रारंभ नहीं किया गया तो हसला संघर्ष का रास्ता अपनाएगी और जिला एवं राज्य स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि हसला ऑनलाइन डायरी का पूर्णतः विरोध करती है और इस विषय में विभाग को विरोध दर्ज कराया जा चुका है, परंतु विभाग हठधर्मिता पर अड़ा हुआ है। सिंधु ने सरकार से आग्रह किया कि हसला की लंबित मांगों को शीघ्र पूरा किया जाए नहीं तो संगठन सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होगा।
उन्होंने कहा कि प्राध्यापकों को गैर शैक्षणिक कार्यों में व्यस्त रखकर विभाग विद्यार्थियों की शिक्षा से खिलवाड़ कर रहा है, जो पूरी तरह असंवेदनशील रवैया है। राज्य महासचिव डॉ. तरसेम कौशिक ने सरकार से मांग की है कि प्राध्यापकों की प्रमुख लंबित मांगें जैसे लेक्चरर पदनाम की बहाली, प्रथम एसीपी में 6600 ग्रेड पे और मेडिकल लीव का प्रावधान शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि शिक्षक वर्ग स्वयं को सम्मानित व सुरक्षित महसूस कर सके। बैठक में संरक्षक डॉ. कप्तान सिंह, वरिष्ठ उपप्रधान अशोक बाल्यान और सभी जिला प्रधान और अन्य सदस्य मौजूद रहे।