उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां पर किसानों की एक-एक एकड़ की फसल का पोर्टल पर मॉर्डन प्रणाली से पंजीकरण किया गया है। इस पोर्टल पर 99 फीसदी से ज्यादा कृषि भूमि का पंजीकरण कार्य पूरा हो चुका है। यह पंजीकरण पहली बार मॉर्डन प्रणाली से किया गया है।
पंजीकरण को लेकर अगर किसी किसान को कोई परेशानी या समस्या है, तो संबंधित जिले के कृषि विभाग के अधिकारी से मिलकर अपनी समस्या का समाधान एक अक्तूबर से पहले करवा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस बार किसानों का 60 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने फसल खरीद की तैयारियां पूरी कर ली हैं।
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला मंगलवार को देर सायं जजपा के बुद्धिजीवी प्रदेश अध्यक्ष प्रोफेसर रणधीर सिंह के कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने कार्यालय का विधिवत रूप से उद्घाटन किया और एक सभा को संबोधित किया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की तरफ से केंद्र सरकार को एक प्रस्ताव भेजा गया है कि बाजरे की खरीद का कार्य आगामी 20 सितंबर और धान की खरीद का कार्य आगामी 25 सितंबर से शुरू किया जाए। इस प्रस्ताव पर केंद्र सरकार की अनुमति मिलने के बाद प्रदेश सरकार की तरफ से फसल खरीद का कार्य शुरु कर दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश सरकार की तरफ से केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है कि मोटे अनाज वर्ष में हरियाणा प्रदेश से आठ लाख मीट्रिक टन मोटा अनाज यानि बाजरा खरीदा जाए।
इस प्रस्ताव के बाद प्रारंभिक जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार की तरफ से 6.5 लाख मीट्रिक टन बाजरे की खरीद का आर्डर मिल सकता है। इस खरीद कार्य की अनुमति मिलने के बाद केंद्र सरकार को 6.5 लाख मीट्रिक टन बाजरा भेजा जाएगा। इससे बाजरे को भी एमएसपी पर खरीदा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि धान की खरीद की तैयारियां प्रदेश सरकार की तरफ से कर ली गई है। इस समय प्रदेश में 200 मंडियां, यार्ड व सब यार्ड में खरीद का कार्य शुरू किया जाएगा। कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बाढ़ आने के बावजूद इस सीजन में भी गत्त वर्ष के 59 लाख मीट्रिक टन धान की आवक के मुकाबले 60 लाख मीट्रिक टन धान की आवक आने की उम्मीद है। सरकार ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि अक्तूबर माह में किसानों की फसल के खरीद कार्य को पूरा कर लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए एफसीआर और उपायुक्तों को आदेश दिए गए हैं कि पटवारी, कानूनगो, तहसीलदार, एसडीएम और डीसी खराबे की फसल की रिपोर्ट 13 सितंबर को दोपहर 12 बजे तक भिजवाना सुनिश्चित करें ताकि किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि करनाल के किसानों की मांग के आधार पर सरकार ने बाढ़ के दौरान नहरों, नालों के माध्यम से खेतों में तीन से आठ इंच रेत को उपायुक्त के माध्यम से ऑक्शन प्रणाली को अडॉप्ट किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण सड़कों को हुए नुकसान के लिए 350 करोड़ रुपए का बजट पीडब्लयूडी विभाग को जारी किए गया है। विभागीय अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि पैचवर्क और कारपिटिंग के कार्य को अक्तूबर, नवंबर व दिसंबर माह में पूरा किया जाए। इस मौके पर चेयरमैन एवं विधायक रामकरण, विधायक ईश्वर सिंह, चेयरमैन कुलदीप सिंह मुल्तानी, जजपा के जिलाध्यक्ष कुलदीप जखवाला, जजपा के युवा वरिष्ठï नेता डा. जसविंद्र खैरा, जजपा के वरिष्ठ नेता माया राम चंद्रभानपुरा, सुनील राणा, गुरलाल वड़ैच, दिलबाग गुराया, जोगध्यान, आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।