कुरुक्षेत्र। स्वयंसेवक हर्ष कुमार पीजीआई रोहतक में रक्तदान देते हुए। संवाद
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग के छात्र और राज्य राष्ट्रीय सेवा योजना अवार्डी स्वयंसेवक हर्ष कुमार ने 150 किमी का सफर तय कर एक रक्तदाता का फर्ज निभाया। स्वयंसेवक हर्ष कुमार ने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से एक रक्त कैंसर पीड़िता के लिए रक्त की आवश्यकता के बारे में जानकारी मिली तो वह तुरंत उनके परिजनों से संपर्क कर रक्तदान करने के लिए 150 किमी की दूरी तय कर पीजीआई रोहतक पहुंचे।
गुरुग्राम जिले की कैंसर से पीड़ित लड़की को रक्त की आवश्यकता थी, जो पिछले दो से तीन दिन से पीजीआई रोहतक में एडमिट थी। उनके परिवार को रक्त की व्यवस्था करने में मुश्किलें आ रही थीं। उन्होंने बताया की सोशल मीडिया पर जानकारी मिलते ही वह पीजीआई के लिए रवाना हो गया। रक्तदान एक ऐसा कार्य है जो किसी की जान बचा सकता है। रक्त कैंसर से पीड़ित मरीजों को अक्सर रक्त की आवश्यकता होती है और रक्तदान करने से उनकी जान बचाई जा सकती है। एक व्यक्ति के रक्तदान से तीन से पांच लोगों की जान बचाई जा सकती है। हमें रक्तदान करने के लिए प्रेरित करना चाहिए और सामाजिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए।