कुरुक्षेत्र। भगवान के जो भक्त होते हैं वह भगवान से कुछ नहीं चाहते। भगवान के सच्चे भक्तों का थोड़ा सा साथ भी कल्याण कर सकता है। इस कलयुग में भगवान को पाने का केवल एक मात्र उपाय है हरिनाम। हरिनाम का फल मुक्ति नहीं है हरिनाम का फल अपने हृदय में भगवान के प्रति प्रेम का उदय करना है। ये विचार इस्कॉन के स्थानीय प्रभारी साक्षी गाेपाल दास ने श्रीकृष्ण अर्जुन मंदिर में आयोजित गौर कथा में प्रवचन के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि भगवान अपना अपमान तो सह लेते हैं लेकिन अपने भक्त का अपमान कभी नहीं सहते।
चैतन्य महाप्रभु के अनुसार भगवान कहते है कि जो मेरा चिंतन करता है चाहे वह किसी भी अवस्था में क्यों ना हो मैं उसे नही छोड़ता और उसकी रक्षा भी करता हूं, जिसको भगवान मारना चाहते हैं उसको कोई बचा नही सकता और जिसे भगवान बचाना चाहते हैं उसे कोई मार नहीं सकता। उन्होंने बताया कि इस्कॉन की ओर से होली को अनूठे अंदाज में मनाया जा रहा है। पानीपत, कैथल, अंबाला, करनाल, सोनीपत, शाहाबाद के श्री कृष्ण अर्जुन मंदिर में सोमवार को करीब पांच क्विंटल फूलों से सैकड़ों भक्त होली खेलेंगे। भगवान चैतन्य महाप्रभु के महाअभिषेक के तुरंत बाद ये होली शुरू होगी।