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Kurukshetra News: हजूरी रागी जत्थे ने शबद कीर्तन से किया संगत को निहाल

Tue, 30 Apr 2024 05:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
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कुरुक्षेत्र। हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में सोमवार को ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब पातशाही नौवीं में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्री दरबार साहिब अमृतसर के हजूरी रागी भाई कुलदीप सिंह व भाई भूपिंदर सिंह ने शबद कीर्तन से संगत को निहाल किया। वहीं भाई सुरजीत सिंह वारस जालंधर वालों के ढाडी जत्थे ने संगत को गुरु के इतिहास से रूबरू कराया और उनकी ओर से दी गई सीख पर चलने के लिए प्रेरित किया।
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इससे पहले ऐतिहासिक गुरुद्वारा छठी पातशाही के हजूरी रागी भाई मलिंदर सिंह के जत्थे ने भी अपनी रूहानी आवाज में शबद कीर्तन कर संगत को बांधे रखा। गुरुद्वारा साहिब छठी पातशाही के पूर्व हैड ग्रंथी एवं कथावाचक भाई गुरदास सिंह ने कथा सुनाई। उन्होंने नौवीं पातशाही के इतिहास के प्रसंग सुनाते हुए संगत से आह्वान किया कि गुरु साहिब की शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करें। उन्होंने बच्चों को भी बचपन से ही गुरु इतिहास की जानकारी देने और नितनेम करने के लिए प्रेरित किया।
हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमैंट कमेटी के प्रवक्ता कंवलजीत सिंह अजराना ने संगत से कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब ने हिंदू धर्म की रक्षा के लिए जीवन का बलिदान दिया। मुगल शासक औरंगजेब से सीधी टक्कर लेते हुए इस्लाम स्वीकार करने से साफ इंकार कर दिया था। इससे हमें प्रेरणा मिलती है कि हमें अपने धर्म व पंथ के प्रति अडिग रहना चाहिए।उप सचिव अमजिंदर सिंह धंतौड़ी के पुत्र हरमिलाप सिंह व पुत्री अंशप्रीत कौर ने तेरे जैसा कोई न जग विच होया, धन-धन बाजां वालियां रचना पेश कर संगत का मन मोह लिया और भक्ति रस में विलीन कर दिया। संगत ने बोले सो निहाल के उद्घोष से बच्चों की हौसला अफजाई करते हुए उनकी प्रशंसा भी की। इस मौके पर नरेंद्र सिंह गिल, तजिंदर सिंह मक्कड़, गुरुद्वारा साहिब के मैनेजर जज सिंह, हैड ग्रंथी सुच्चा सिंह, लेखाकार हरमीत सिंह, कैशियर सुखविंदर सिंह, गुरसिमरन सिंह, गुरप्रीत सिंह मौजूद रहे।
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