कुरुक्षेत्र। राज्यपाल आचार्य देवव्रत छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए। संवाद
कुरुक्षेत्र। गुरुकुल ज्योतिसर में आयोजित गुरुकुल शिक्षा उत्सव में शुक्रवार को छात्रों और अभिभावकों की भारी भीड़ उमड़ी। नौवीं और 11वीं कक्षा में प्रवेश के लिए तीन हजार से अधिक छात्र व अभिभावक कार्यक्रम में पहुंचे। इस अवसर पर गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि गुरुकुल शिक्षा पद्धति का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें भारतीय जीवन मूल्यों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा जहां तनाव बढ़ाती है, वहीं गुरुकुल प्रणाली छात्रों के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास पर बल देती है। वैदिक विद्वान डॉ. राजेंद्र विद्यालंकार ने कहा कि गुरुकुल शिक्षा प्रणाली विद्यार्थियों में अनुशासन, नैतिकता और सशक्त चरित्र का निर्माण करती है। निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. प्रवीण कुमार ने गुरुकुल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि पिछले वर्षों में एनडीए, आईआईटी, नीट और अन्य संस्थानों में छात्रों ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उन्होंने बताया कि 20 से 22 मार्च तक चलने वाले इस उत्सव में विभिन्न कक्षाओं के प्रवेश के लिए परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। सफल विद्यार्थियों की काउंसलिंग गुरुकुल कुरुक्षेत्र परिसर में की जाएगी।