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Kurukshetra News: गुजरात के विधानसभा अध्यक्ष शंकर भाई ने देखी प्राकृतिक खेती

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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। खजूर, अंजीर, सेब, ड्रेगन फ्रूट जैसे फलों की प्राकृतिक खेती गुरुकुल के फार्म पर हो रही है जो गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत के प्रयास संभव हो पाया है।
गुरुकुल के फार्म पर मिश्रित फसलों के कई ऐसे मॉडल बनाए गये हैं जिन्हें अपनाकर किसान आर्थिक रूप से संपन्न होंगे साथ ही फसल चक्र से उनके खेतों की उर्वरा शक्ति में भी वृद्धि होगी। यह कहना है गुजरात विधानसभा अध्यक्ष शंकर भाई चौधरी का।
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उन्होंने आचार्य देवव्रत के साथ गुरुकुल के फार्म का रविवार को अवलोकन किया। इसके बाद कहा कि आचार्य देवव्रत प्राकृतिक खेती मिशन के माध्यम से दुनिया में एक नई क्रांति लाएंगे। फार्म पर राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उन्हें प्राकृतिक खेती से उत्पादित लगभग साढ़े चार किलो की शलजम भी दिखाई तो वे आश्चर्यचकित रह गए।
विधान सभा अध्यक्ष ने गुरुकुल के फार्म का बारीकी से अवलोकन किया, मिट्टी की गुणवत्ता को जांचने के लिए वे स्वयं खेतों में उतर गये।
राज्यपाल ने बताया कि पिछले दिनों ड्रेगन फ्रूट में फंगस की समस्या आ गई थे जिसे गोशाला के गोबर के छिड़काव से तुरंत प्रभाव से नियंत्रित कर लिया। फार्म पर अध्यक्ष ने गेहूं की विलुप्त हो रहीं कई प्रजातियों की फसलें देखीं, जिनमें गेहूं के साथ चना भी लगाया गया है। इसी प्रकार गन्ना के साथ सरसों और दालों की मिश्रित फसल लगायी गई है।
चना के एक पौधे को उखाड़कर कृषि वैज्ञानिक डॉ. हरिओम ने नाइट्रोजन सहित जरूरी पोषक तत्व कैसे पौधा जड़ों के माध्यम से लेता है, यह विस्तार से समझाया। विस अध्यक्ष, आचार्य देवव्रत ने जहां प्राकृतिक बेर का स्वाद चखा वहीं क्रेशर पर प्राकृतिक गुड़, शक्कर और खांड बनाने की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से जाना और गरमा गर्म गुड़ का स्वाद भी चखा।
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गुजरात विस अध्यक्ष शंकर भाई चौधरी शनिवार को गुरुकुल पहुंचे थे, जहां उसी दिन सायं को गुरुकुल परिसर का भ्रमण किया, जिसमें गोशाला, अश्वशाला, निशानेबाजी प्रशिक्षण केंद्र, आर्ष महाविद्यालय, एनडीए ब्लॉक, देवयान विद्यालय भवन आदि को भी देखा। गोशाला में देसी नस्ल की गायों व नंदी के विषय में विस्तार से चर्चा की और गुरुकुल की गोशाला को भारत की उन्नत गोशाला बताया।
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