गंगहेडी से नारनौल तक प्रस्तावित ग्रीन इकोनॉमिक कॉरिडोर के विरोध में किसानों का धरना शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रहा। इस दौरान किसानों ने मुआवजा बढ़ाने की मांग को लेकर नारेबाजी व प्रदर्शन किया। इस परियोजना में शामिल गांवों के ग्रामीण मुआवजा राशि बढ़ाने को लेकर बीते चार दिनों से गांव बिलोचपुरा में धरने पर बैठे हुए हैं।
शुक्रवार को भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन के प्रदेश प्रभारी सुखेदव सिंह ने धरनास्थल पर किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि कई गांवों के सैकड़ों किसानों की जमीन को सरकार ने इस नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहण किया है। सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए जो दूसरे क्षेत्रों की जमीन का अधिग्रहण किया था, उनकी जमीनों के वार्ड को रिवाइज कर दिया, लेकिन पिहोवा क्षेत्र के किसानों की अधिग्रहण की गई जमीन के अवार्ड को रिवाइज नहीं किया। किसानों ने कहा कि वे धरने पर बैठे है। जब तक उनकी अधिग्रहण की गई जमीन के मुआवजे को बढ़ाकर नहीं दिया जाता तब तक किसानों का प्रदर्शन जारी रहेगा।