फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चौथे दिन भी नहीं बिका धान, कहीं निकला रोष मार्च तो कहीं मार्केट कमेटी कार्यालय को जड़ा ताला.

विज्ञापन
विज्ञापन
मंडियों में खरीद शुरू होने के चौथे दिन भी धान का एक दाना तक नहीं बिका, जिससे आग बबूला होकर जिलेभर की मंडियों में किसान और आढ़तियों ने धरने प्रदर्शन कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपे। नई अनाज मंडी थानेसर में सुबह किसान और आढ़तियों ने भारी संख्या में एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ धरना देकर नारेबाजी की। वहीं, बाबैन में गुस्साए किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय को ताला जड़कर पिपली चौक पहुंच वहां जाम लगा दिया।
विज्ञापन

इसके साथ ही लाडवा में दिनभर खरीद शुुरू होने के इंतजार में बैठे किसानों का शाम होते-होते सबर का बांध टूट गया और फिर किसानों, आढ़तियों अज्ञैर मजदूरों ने मिलकर पहले तो मंडी में रोष मार्च निकाला और फिर मार्केट कमेटी कार्यालय पर धरना देकर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। इतना ही नहीं पिपली अनाज मंडी में शाम करीब चार बजे इकट्ठा होकर किसानों ने मंडी के बाहर करीब एक घंटा जाम लगाए रखा, जहां एसडीएम ने मौके पर पहुंच किसानों को समझाकर जाम खुलवाया। पिहोवा में भी मंगलवार को भी किसानों ने नेशनल हाईवे-65 अनाज मंडी मोड़ के पास सुबह से लेकर शाम तक जाम लगाए रखा। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द खरीद शुरू नहीं हुई तो सरकार को किसानों के गुस्से का सामना करना पड़ेगा, जिसकी जिम्मेदार खुद सरकार होगी। वहीं, फूड कमिश्नर पीके दास से खरीद शुुरू करने की मांग को लेकर मिलने पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने बताया कि कमिश्नर के साथ उनकी दो घंटे मीटिंग चली, लेकिन नतीजा जीरो आया। अब उनके पास आंदोलन के अलावा कोई चारा नहीं बचा है, इसलिए प्रदेशभर की जिन मंडियों में खरीद शुरू नहीं हुई आज उन मंडियों के आगे ठीक 11 बजे मुख्य सड़कें जाम की जाएंगी।
मंगलवार को थानेसर अनाज मंडी में सुबह 11 बजे किसान और आढ़ती खरीद शुरू न होने पर आग बबूला होकर मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचे। कार्यालय परिसर में धरना देकर उन्होंने प्रशासन व सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुुरू की। मौके की नजाकत को देख कमेटी के अधिकारियों द्वारा पुलिस बल मौके पर बुलाया गया। वहीं अधिकारियों के आश्वासन पर भी किसानों को गुस्सा शांत नहीं हुआ। करीब डेढ़ घंटे बाद एसडीएम अखिल पिलानी मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत की। इस दौरान किसानों ने एसडीएम के समक्ष ज्ञापन के माध्य से मांगें रखीं कि जब तक मंडियों में खरीद शुरू नहीं हो जाती तब तक उनकी फसल का बीमा किया जाए, क्योंकि अगर अचानक मौसम खराब होने से उनकी फसल को नुकसान पहुंचता है तो इससे पहले ही बर्बाद हो चुका किसान और ज्यादा बर्बाद हो जाएगा। इसके साथ ही ज्ञापन में खरीद जल्द करने की मांग की गई। वहीं, किसानों ने चेतावनी भी दी कि अगर किसान आर या पार की लड़ाई पर उतर आए तो परेशानी बढ़ जाएगी। एसडीएम अखिल पिलानी ने इस दौरान मार्केट कमेटी सचिव से बातचीत कर पोर्टल में आ रही समस्याओं को नोट डाउन किया।
विज्ञापन

किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं : दिनेश
मार्केट कमेटी बाबैन के सचिव दिनेश कुमार का कहना है कि सरकार भने 29 सितंबर से ही धान की सरकारी खरीद शुरू करने के आदेश दिए है। बाबैन मंडी में धान की खरीद के सभी प्रबंध कर लिए है और 17 प्रतिशत नमी का सारा धान खरीदा जाएगा, जिसमें किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने किसानों को आह्वान किया कि वे धान को मंडी में लाने से पूर्व अच्छी तरह से सुखाकर व साफ करके ही लाएं, ताकि बेचने में कोई परेशानी न हो।
उम्मीद है बुधवार से खरीद हो जाए शुरू : डीसी
उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ से बात कि तो उन्होंने कहा कि राइस मिलरों के साथ खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की बात चल रही है। शाम तक आपसी समझौता हो सकता है। उन्हें उम्मीद है कि बुधवार से धान की खरीद सुचारू शुरू से शुरू हो जाएगी। किसानों व आढ़तियों किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।

जाम लगातें किसान।- फोटो : Kurukshetra

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें