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सरकारी कामकाज ठप और आमजन परेशान

Fri, 02 Sep 2016 11:54 PM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
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हड़ताल कर नारेबाजी करते कर्मचारी - फोटो : amar ujala
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केंद्रीय ट्रेड यूनियन व कर्मचारी संघों के आह्वान पर देशव्यापी हड़ताल का असर जिलेभर में खूब रहा। विभिन्न विभागों के लगभग 1550 कर्मचारी हड़ताल पर रहे जबकि कुछ विभागों में कर्मचारी दोपहर बाद ड्यूटी पर भी लौट आए। हड़ताल का असर बैंकों पर भी रहा, जहां लगभग 200 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ। कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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अनेकों कर्मचारी सुबह भी ड्यूटी पर गए, लेकिन यूनियन पदाधिकारियों ने कई विभागों में उन्हें हाजिरी लगाने से रोक दिया और ये कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल कर लिए गए। सिविल अस्पताल फार्मासिस्ट, बैंक, बिजली निगम, आयकर विभाग, बीएसएनएल विभाग, रोड़वेज निगम, एलआईसी के अधिकतर सभी कर्मचारी शुक्रवार को हड़ताल पर रहे। सबसे ज्यादा बिजली निगम पर हड़ताल का असर देखने को मिला। हालांकि हड़ताल के चलते कहीं बिजली बाधित होने का मामला नहीं हुआ लेकिन निगम के कुल एक हजार कर्मियों में से 98 प्रतिशत हड़ताल पर रहे। वहीं दूसरे विभागों में कहीं कार्यालय खाली पड़े रहे तो कहीं दरवाजों पर ताले लटके रहे।

सरकार के खिलाफ दिनभर हुई नारेबाजी 
हड़ताल की शुरुआत रोडवेज विभाग से शुरू हुई। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन संबद्ध हरियाणा कर्मचारी महासंघ के डिपो प्रधान तेजबीर पंजेटा ने बताया कि प्रदेश के 8200 कच्चे चालकों-परिचालकों को पक्का करने, पंजाब के समान वेतनमान देने, रोड सेफ्टी बिल को निरस्त करने और सातवें वेतन आयोग से पहले वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग मुख्य है। इसको लेकर हड़ताल की गई है। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी रोडवेज कर्मी बसें चलाएगा तो यूनियन उसका साथ नहीं देगी। अब आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। इस अवसर पर एसकेएस से बलवंत सिंह देशवाल, बलवंत सिंह नगला, एसकेएस जिला प्रधान नरेश कुमार, आनंद सिंह, प्रेम सिंह, श्रीचंद जिला प्रधान महासंघ, राजेश, बृजेश सहित आदि कर्मी मौजूद रहे। साथ ही जनसंघर्ष मंच हरियाणा व श्रमजीवी व निर्माण कार्य मजदूर मिस्त्री यूनियन ने भी हड़ताल में भाग लिया। 
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प्राइवेट बस संचालकों ने कूटी चांदी
सरकारी बसों के हड़ताल के चलते प्राइवेट बस संचालकों ने शुक्रवार को खूब चांदी कूटी। अमूमन प्रतिदिन कुरुक्षेत्र से पिहोवा के 7 चक्कर लगाने वाली बस ने हड़ताल के चलते 11 चक्कर लगाए। वहीं अन्य निजी वाहन चालकों द्वारा निर्धारित से भी अधिक किराया वसूल किए जाने के मामले भी सामने आए।

क्या कहते है यात्री
झांसा निवासी मूला राम ने बताया कि वह अपनी एक रिश्तेदारी में कुरुक्षेत्र आया हुआ था। अब नया बस स्टैंड पर सुबह से बैठा हूं लेकिन झांसा जाने के लिए कोई बस नहीं आ रही है। कर्मचारी कहते हैं कि आज बसें नहीं जाएंगी। अब तो घर जाने के लिए टैंपू का ही सहारा लेना पड़ेगा। वहीं बाबैन निवासी बाबूराम ने बताया कि शुक्रवार सुबह तो वह सरकारी बस में पिपली तक आ गया था लेकिन दोपहर बाद बाबैन की ओर जाने के लिए कोई भी बस नहीं मिल रही है। उनके लिए परेशानी खड़ी हो गई है।

फार्मासिस्ट ने सौंपा एसएमओ को मांगपत्र
सिविल अस्पताल में भी बंद का असर दिखाई दिया। यहां भी सर्व कर्मचारी संघ के आह्वान पर जिला के स्वास्थ्य केंद्रों पर नियुक्त फार्मासिस्ट ने एसएमओ को मांगपत्र सौंपा। इससे पहले सिविल अस्पताल परिसर में सैकड़ों फार्मासिस्ट, आशावर्कर, कुछ एनएचएम कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। 

आबकारी और कराधान कर्मचारी रहे हड़ताल पर 
आबकारी और कराधान कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हुए। जिला प्रधान मनदीप सिंह कर निरीक्षक व ओमप्रकाश कुंडू ने बताया कि पदोन्नत निरीक्षकों को विभागीय परीक्षा से छूट प्रदान कराना, पुलिस की भांति  कर्मचारियों को बस सुविधा प्रदान करना, चालकों को एक हजार रुपये प्रतिमाह जोखिम भत्ता देना, श्रम कानूनों में मालिकपरस्त बदलाव रद्द करना, शिक्षा चिकित्सा, जनस्वास्थ्य आदि सेवाओं का निजीकरण बंद हो, मुख्य मांगें है।  इस मौके पर शेर सिंह संगठन सचिव, उपप्रधान राजेश, प्रवीण शर्मा महासचिव, सुभाष, सुरेंद्र वर्मा, वेदप्रकाश आदि मौजूद रहे।

भारत संचार निगम कर्मियों ने भी दिया साथ
भारत संचार निगम लिमिटेड एम्पलाईज यूनियन भी हड़ताल पर रही। यूनियन के देवेंद्र शर्मा ब्रांच सचिव की अध्यक्षता में आम हड़ताल को सफल बनाने का प्रयास किया। हड़ताल में मुख्य रूप से कामरेड़ बलराम, हंसराज, शशि प्रकाश, विनोद कुमार, विरेंद्र कुमार, जिले राम, पंकज वर्मा आदि हड़ताल पर रहे। 

मिली-जुली रही बैंक कर्मियों की हड़ताल 
वहीं बैंक कर्मियों की हड़ताल मिली-जुली रही। बैंक की तीन यूनियनों में से दो हड़ताल पर रही। जबकि एक यूनियन के अधिकारियों ने कार्यालय में कामकाज संभाले रखा। बैंक की यूनियन एआईबीओसी ने हड़ताल से दूरी बनाएं रखी तो वहीं एआईबीओए व एआईबीईए हड़ताल में शामिल हुए। जानकारी अनुसार एक दिन की हड़ताल पर बैंकों को करीब 200 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है। यहीं नहीं शहर के कई एटीएम भी खाली रहे जिससे उपभोक्ताओं को खासी परेशानी उठानी पड़ी। 

नपा कर्मचारी संघ ने भी कामकाज रखा ठप
नगर पालिका कर्मचारी संघ भी राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहा। संघ की अध्यक्षता कर रहे सुभाष गुंसर ने कहा कि ठेका प्रथा बंद होनी चाहिए, कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए, न्यूनतम वेतन 18 हजार किया जाए, पंजाब के समान वेतनमान दिया जाए तथा वेतन आयोग की कर्मचारी विरोधी सिफारिशें रद्द हो।  

केयू में मैस कर्मियों की नारेबाजी
कुरुक्षेत्र। हड़ताल का केयू में भी पूरा असर दिखाई दिया, जहां कुंटिया के आह्वान पर लगभग सभी कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इसके चलते अनेकों कार्यालयों के ताले भी नहीं खुले तो वहीं पहले से एलान किए जाने के चलते अधिकतर कर्मचारी कार्यालयों में घरों से ही नहीं पहुंचे। महज कुछ पदाधिकारी ही पहुंचे, जो पूूरी स्थिति पर निगरानी बनाए रहे। वहीं मैस वर्कर यूनियन ने देशव्यापी हड़ताल के सर्मथन में केयू मैस कर्मियों ने हड़ताल कर प्रशासन को कोसा। हड़ताली मार्केट थर्ड गेट से सेकेंड गेट से  होते हुए कुलपति ऑफिस पहुंचे। वहीं कुलपति ऑफिस के बाहर मैस वर्कर यूनियन के प्रधान रामप्रकाश पाल के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। इस दौरान सर्वकर्मचारी संग के जिले के प्रधान नरेश कुमार, ओम  प्रकाश, अमन कुमार रोबी, उमाशंकर, आनन्द, जीत सिंह, सागर, अर्जुन सिंह,  ललन सिंह, महेश आदि शामिल रहे। 

1550 कर्मचारी रहे हड़ताल पर : डीसी
डीसी सुमेधा कटारिया ने बताया कि जिलेभर में हड़ताल पर सभी विभागों के 1550 कर्मचारी रहे, जिसकी सूचना उन्होंने प्रदेश सरकार को भेज दी है। उन्होंने बताया कि पहले 10 बजे फिर 12 बजे और फिर सांय 4 बजे हड़ताल पर रहे कर्मचारियों की सूची सरकार को भेजी गई। जहां अधिकतर कर्मचारी पूरा दिन हड़ताल पर रहे तो कई विभागों के कर्मचारी दोपहर बाद ड्यूटी पर लौट भी आए। रोडवेज की 92 बसें चलाने में कामयाब रहे तो वहीं बिजली आपूर्ति भी कहीं पर बाधित नहीं होने दी। 9 ड्यूटी मैजिस्ट्रेट निगरानी पर रहे।
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