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राज्यपाल ने परिवार सहित मां भद्रकाली शक्तिपीठ में भेंट किए घोड़े

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राज्यपाल का पदभार संभालने के बाद पहली बार हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय धर्मनगरी कुरुक्षेत्र पहुंचे। यहां 52 शक्तिपीठों में से एक हरियाणा के एकमात्र शक्तिपीठ मां भद्रकाली देवीकूप मंदिर में हजारों साल पुरानी घोड़े चढ़ाने की परंपरा को पत्नी और परिवार के साथ निभाया।
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शक्तिपीठ पहुंचने पर राज्यपाल का पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा और ट्रस्ट के सदस्यों ने स्वागत किया। पीठाध्यक्ष ने पौराणिक तीर्थ मां भद्रकाली मंदिर शक्तिपीठ के इतिहास की जानकारी दी, जिसके उपरांत राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने लेडी गवर्नर वसंता दत्तात्रेय, सुपुत्री विजयालक्ष्मी, दामाद डॉ. बी जिगनेश रेड्डी एवं परिवार के सदस्यों के साथ देवीकूप की परिक्रमा की और पूजा अर्चना के साथ यहां मां के चरणों में नारियल अर्पित कर चांदी के घोड़े चढ़ाए। इसके पश्चात राज्यपाल और लेडी गवर्नर ने मां भद्रकाली के दरबार में हाजिरी लगाई और पूजा अर्चना कर दरबार की परिक्रमा की। यहां पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा ने राज्यपाल और परिवार के सदस्यों को मां की चुनरी, नारियल और स्मृति चिह्न भेंट किया।
इस दौरान राज्यपाल ने शक्तिपीठ के विजिटर रजिस्टर में मां के प्रति अपनी भावना प्रकट की। उन्होंने लिखा मां भद्रकाली शक्तिपीठ बहुत ही प्रसिद्ध पीठ है और हमारी धरोहर का प्रतीक है। उन्होंने शक्तिपीठ को आध्यात्मिक और ज्ञान स्रोत का पवित्र स्थल और इसमें कुरुक्षेत्र के प्राचीन इतिहास का स्वरूप दिखता है। उन्होंने लिखा की मां भद्रकाली श्रीदेवीकूप मंदिर शक्तिपीठ में इतनी अच्छी व्यवस्था बहुत ही सराहनीय है। हर व्यक्ति अपनी प्रेरणा लेकर इसकी उन्नति और व्यवस्था को बनाने में अपना योगदान दे।
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इस मौके पर थानेसर के विधायक सुभाष सुधा, डीसी मुकुल कुमार, एसपी हिमांशु गर्ग, केडीबी के सीईओ अनुभव मेहता, डीआईपीआरओ नरेंद्र सिंह, निकुंज शर्मा, मां भद्रकाली सेवक मंडल के अध्यक्ष नरेंद्र वालिया, प्रो. हेमराज शर्मा, रामपाल लाठर, सतपाल शर्मा, सुरेंद्र गुप्ता, संजीव मित्तल एवं आशीष दीक्षित सहित अन्य उपस्थित रहे।
ब्रह्मसरोवर पर किया जल का आचमन, बालाजी मंदिर व ज्योतिसर में की पूजा अर्चना
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने पुरुषोत्तमपुरा बाग में पहुंचकर ब्रह्मसरोवर पर पूजा स्थल पर पूजा अर्चना की और ब्रह्मसरोवर के जल का आचमन किया। इसके पश्चात राज्यपाल ने तिरुपति बालाजी मंदिर में भगवान वेंकटेश्वर, लक्ष्मी देवी और गौडा देवी की पूजा अर्चना की। उन्होंने गीता स्थली ज्योतिसर का भी अवलोकन कर पूजा अर्चना की। राज्यपाल दत्तात्रेय ने कहा कि वे सबसे पहले वीरों की भूमि, महाभारत स्थली, धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र में आए हैं। देवभूमि हिमाचल से तीर्थों की भूमि कुरुक्षेत्र में आकर आध्यात्मिक शांति का अनुभव हुआ। कुरुक्षेत्र महाभारत की भूमि, प्राचीन धरोहर, भारतीय संस्कृति की अमूल्य देन है।
केयू इंटरनेशनल गेस्ट हाउस में किया पौधरोपण
राज्यपाल एवं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बंडारू दत्तात्रेय पहली बार परिवार सहित कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पहुंचे। इस मौके पर कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा और कुलसचिव संजीव शर्मा ने उनका स्वागत किया। राज्यपाल दत्तात्रेय ने इंटरनेशनल गेस्ट हाउस के परिसर में चंदन और रुद्राक्ष के पौधों को रोपित किया और कहा कि ए-प्लस कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय देश के सर्वश्रेष्ठ चुनिंदा विश्वविद्यालयों की श्रेणी में शामिल है। कहा कि विद्यार्थी ही इस विश्वविद्यालय की पहली और अंतिम प्राथमिकता है। उन्होंने कहा आपसी सहयोग एवं समर्थन से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के साथ-साथ हरियाणा प्रदेश और देश के विकास में आने वाली हर बाधा को खत्म करेंगे। इस विश्वविद्यालय को हरियाणा की नहीं, बल्कि देश के लिए उच्च शिक्षा की धुरी बनाएंगे।
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