कुरुक्षेत्र। सेठ नवरंग राय लोहिया जयराम कन्या महाविद्यालय लोहार माजरा की रजत जयंती समारोह में प
कुरुक्षेत्र। जब बेटियां पढ़ती हैं तो पूरा परिवार, समाज व देश आगे बढ़ता है। इसी के चलते सरकार ने सुनिश्चित किया है कि बेटियों को हर 20 किलोमीटर के दायरे में कॉलेज जरूर मिले। इसके लिए पिछले 11 वर्षों में प्रदेश में 80 नए राजकीय कॉलेज खोले गए हैं। इनमें से 30 केवल लड़कियों के हैं। बेटियों को अपने घरों से शिक्षण संस्थानों तक आने-जाने के लिए 150 किलोमीटर की दूरी तक रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा भी प्रदान की जा रही है। यही नहीं बेटियों को तकनीकी शिक्षा प्रदान करने के लिए भी प्रदेश में 29 कन्या आईटीआई चल रही हैं।
यह कहना है मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का। वे मंगलवार को सेठ नवरंग राय लोहिया जयराम कन्या महाविद्यालय लोहार माजरा की रजत जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। मुख्यमंत्री ने श्री जयराम विद्यापीठ संस्थाओं के संचालक ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी, पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, भाजपा जिला अध्यक्ष तिजेंद्र सिंह गोल्डी, भाजपा नेता जय भगवान शर्मा, जिप चेयरमैन कंवलजीत कौर, चेयरमैन धर्मवीर मिर्जापुर के साथ श्री जयराम शिक्षण संस्थान के 25 वर्षों की गतिविधियों पर आधारित स्मारिका का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने संस्थान को 21 लाख रुपये देने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी देश व समाज की सच्ची शक्ति होती है और जब बेटियां पढ़ती हैं तो पूरा परिवार, पूरा समाज और पूरा देश आगे बढ़ता है। सेठ नवरंग राय लोहिया जयराम कन्या महाविद्यालय जैसी संस्थाएं प्रधानमंत्री के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ विजन को आगे बढ़ाने का काम कर रही हैं।
शिक्षण संस्था के जीवन में 25 वर्ष केवल एक संख्या नहीं बल्कि संघर्ष, समर्पण और सफलता का इतिहास है। जब इस कॉलेज की नींव रखी गई थी, तब शायद किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि आने वाले समय में यह संस्थान लोहार माजरा के साथ-साथ पूरे कुरुक्षेत्र और आसपास के जिलों की बेटियों के लिए शिक्षा और सशक्तीकरण का एक केंद्र बन जाएगा। ब्रह्मलीन देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी की ही प्रेरणा से स्वर्गीय मोहन लाल लोहिया ने इस जमीन पर अपने पिता की याद में यह कॉलेज बनवाया था। जब इस कॉलेज की नींव रखी गई थी, उस समय गांवों में बेटियों की शिक्षा के प्रति जागरूकता नहीं थी।