प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि समाज से अनैतिकता खत्म करने के लिए मूल्य आधारित शिक्षा बहुत जरूरी है। इसके लिए राज्य सरकार वचनबद्ध है। शिक्षा के साथ प्रदेश का विकास करने के लिए कला को बढ़ावा देना भी जरूरी है।
इसलिए राज्य सरकार एक नवंबर से हरियाणा का 50वां जयंती समारोह मनाने के लिए ब्लॉक स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करेगी। इस स्वर्ण जयंती समारोह में हरियाणा प्रदेश को एक अच्छा राज्य बनाने के भी प्रयास किए जाएंगे।
सीएम मनोहर लाल शुक्रवार को देर शाम कुरुक्षेत्र विश्व विद्यालय के सभागर में युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग द्वारा आयोजित चार दिवसीय रत्नावली युवा राज्य स्तरीय महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। सीएम ने रत्नावली युवा महोत्सव की ओवर ऑल चैंपियन टीम आर्य कॉलेज पानीपत, रनरअप रही यूटीडी की टीम आदि विजेता टीमों और कलाकारों को सम्मानित किया।
सीएम ने सांस्कृतिक महाकुंभ रत्नावली युवा महोत्सव को ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए केयू प्रशासन के कलाकारों को बधाई दी। कहा कि रत्नावली के इस मंच से 31 विधाओं में हजारों की संख्या में कलाकार भाग ले रहे हैं। ऐसे मेले, उत्सव उत्साह, उमंग, जोश के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने कहा कि हरियाणा ने पूरे विश्व में सांस्कृतिक पहचान बना ली है। हजारों सालों से रामलीला, रामायण और श्रवण की कथाओं के माध्यम से संस्कार और शिक्षा दी जा रही थी। आज सांस्कृतिक कार्यक्रम उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
सेना में भी हरियाणा के दस प्रतिशत जवान देश की रक्षा कर रहे हैं। सरकार अच्छी शिक्षा और संस्कारों को ओर आगे बढ़ाना चाहती है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पानीपत की धरा से राष्ट्रव्यापी बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को शुरू किया। इस अभियान की वजह से प्रदेश का लिंगानुपात 800 से बढ़कर 850 हो गया है। इस आंकड़े को 950 से ऊपर लेकर जाना है।
रत्नावली सांस्कृतिक विरासत की पहचान : कुलपति कुलपति हरदीप कुमार ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि रत्नावली उत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत की पहचान है। यह 30 वर्षों से हरियाणा की संस्कृति को सहेज रहा है। इस वर्ष यह उत्सव देश के साथ दुनियाभर में हरियाणा की संस्कृति का प्रचार करने में सफल रहा।
इस बार सेल्फी विद हरियाणवी, हरियाणा के रीति-रिवाज और फुलझड़ी बनाओ प्रतियोगिताएं शुरू हुई हैं। आने वाले वर्षों में भी केयू इस उत्सव को लेकर नए-नए प्रयास करता रहेगा। कुलसचिव डॉ. प्रवीण कुमार सैनी ने सभी को धन्यवाद दिया। युवा सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक डॉ. महासिंह पूनिया ने कहा कि यह उत्सव युवा पीढ़ी को हरियाणा की संस्कृति से रूबरू करवाने में सफल रहा है।
स्मृति चिह्न के रूप में दिया पिड्ढा कार्यक्रम के अंत में कुलपति हरदीप कुमार ने मुख्यमंत्री मनोहरलाल को कलाकारों द्वारा निर्मित पीढ्ढा और स्मृति चिह्न भेंट किया। कुलपति ने सांसद राजकुमार सैनी, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी, थानेसर विधायक सुभाष सुधा, लाडवा विधायक डॉ. पवन सैनी को स्मृति चिह्न भेंट किया। इस मौके पर डीसी सीजी रजीनिकांतन, एसपी सिमरदीप सिंह, डीन एकेडमिक अफेयर प्रो. अनिल वोहरा, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. अनिल वशिष्ठ, प्रॉक्टर सीआर ड्रोलिया, विभिन्न विभागों के चेयरमैन, प्रदेशभर से आए कलाकार आदि मौजूद रहे।