कुरुक्षेत्र। पिछले कुछ दिनों से बदले हालात का असर सोने के कारोबार पर भी पड़ा है। जहां सोने की मार्केट से ग्राहक नदारद है वहीं इसके कारोबारी भी चिंता में डूबे हुए हैं। यही नहीं इसका सीधा असर कारोबारियों के पास कार्य करने वाले कारीगरों की रोजी-रोटी पर भी पड़ा है। अनेक कारोबारियों का काम छूट चुका है।
जिले में 500 से ज्यादा स्वर्णकार है, जहां ग्राहकों की अक्सर इंतजार रहती है। पहले सोने-चांदी के आसमान छूते भाव, इरान-इजराइल युद्ध के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक साल तक सोना-चांदी न खरीद की अपील का कारोबार पर गहरा असर पड़ा है। उधर, भीषण गर्मी ने भी कारोबार को मंदा करने में अहम भूमिका निभाई है।
नए खरीद के ग्राहक नहीं, पुराने जेवरात लेकर ही पहुंच रहे
स्वर्णकार एसोसिएशन के प्रधान मनोज गोयल बताते हैं कि इस समय बाजार में सोना-चांदी खरीद के ग्राहक नहीं है, जो भी लोग दुकानों पर पहुंचते हैं वे महज पुराने जेवरात में ही कुछ फेरबदल करवाते हैं, ऐसे में स्वर्णकारों के पास काम कर रहे कारीगरों के लिए काम ही ठप हो गया।
1500 से ज्यादा कारीगरों के रोजगार पर संकट
मनोज गोयल के मुताबिक जिले भर में स्वर्णकारों के पास 1500 से ज्यादा कारीगर काम करते रहे हैं लेकिन अब काम ठप होने के बाद अनेक कारीगरों को हटाना पड़ रहा है। अब बाजार में फिर से कब रौनक लौटेगी, यह भी नहीं का जा सकता लेकिन स्वर्णकारों के साथ-साथ कारीगरों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है।
कभी भी जा सकती है नौकरी : नवीन
एक दुकान पर काम कर रहे कारीगर नवीन कुमार ने बताया कि उनके साथ चार अन्य कारीगर भी यहां काम करते रहे हैं। वे खुद पिछले 15 वर्षों से यहां काम कर रहे हैं लेकिन अब ऐसे हालात है कि उनकी नौकरी कभी भी जा सकती है, उनके साथ अन्य कारीगरों को भी यह संकेत दिए जा चुके हैं। अनेक दुकानों से कारीगर हटाए भी जा चुके हैं, ऐसे हालात में परिवार का गुजारा कैसे चल पाएगा वे भी नहीं समझ पा रहे।