कुरुक्षेत्र। श्रीमद भागवत का पूजन करते मुख्य अतिथि। विज्ञप्ति
कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण कृपा गोशाला में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन का शुभारंभ श्रीराम अस्पताल के डॉक्टर अनुज भाटिया उनकी धर्मपत्नी छाया कुमारी और अंबाला निवासी अशोक चावला ने किया। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद की प्रेरणा से गो संरक्षण के लिए भागवत कथा आयोजित की गई है। श्रद्धालुओं ने संकीर्तन भागवत कथा का श्रवण करके पुण्य अर्जित किया।
भागवत कथा में कथावाचक शास्त्री ने कहा कि प्रत्येक जीव में परमात्मा का दर्शन करना चाहिए। गोविंद से इतना प्रेम होना चाहिए कि कण-कण में भगवान कृष्ण के दर्शन हो जाए। हर स्थान में गोविंद का दर्शन करना चाहिए, क्योंकि प्रत्येक स्थान पर गोविंद विराजमान हैं।
शब्द का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि शब्द में बहुत गहरी शक्ति होती है और बहुत ऊर्जा होती है, जितना अच्छा बोलोगे समाज में उतनी ही प्रशंसा होगी। इसलिए शब्द बेहद गंभीरता से बोलने चाहिए। इंद्रियों को वश में करना चाहिए।
इंद्रियों को वश में करने के लिए प्राणायाम और ध्यान लगाना जरूरी है। मन को वश में करने के लिए भी ध्यान लगाना चाहिए। जैसे हाथ कर्म करने के लिए होते हैं, नेत्र देखने के लिए होते हैं, उसी प्रकार मन, मनमोहन के चरणों में लगाने के लिए होता है। मन को भगवान के चरणों में लगाने के लिए भगवत भाव आना जरूरी है और मन को वश में करने के लिए आसन लगाना चाहिए। जब भी जीवन में कष्ट आए तो प्रभु पर छोड़ देना चाहिए।
कुरुक्षेत्र। श्रीमद भागवत का पूजन करते मुख्य अतिथि। विज्ञप्ति