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कारागार में नशा पहुंचाने और रखने के मामले में जेल वार्डन सहित सात दोषी करार, छह को 10-10 साल की सजा,

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कुरुक्षेत्र। अदालत ने जिला कारागार में मादक पदार्थ पहुंचाने और रखने के मामले में फैसला सुनाते हुए जिला जेल वार्डन को चार साल और छह अन्य दोषियों को 10-10 साल कैद की सजा अदालत ने सुनाई है। यह जानकारी जिला उप न्यायवादी मेनपाल ने दी। उन्होंने बताया कि उक्त मामला रिश्वत लेकर जेल में नशीला पदार्थ पहुंचाने और रखने से जुड़ा था, जिस पर जिला कुरुक्षेत्र के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राकेश सिंह की अदालत ने फैसला सुनाया है।
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इस मामले में जेल वार्डन को चार साल की कैद के अलावा 20 हजार जुर्माना की सजा भी सुनाई गई है। बताया गया है कि न्यायाधीश ने 10 जनवरी 2020 को फैसला सुनाते हुए उक्त मामले में दोषी रणजीत सिंह पुत्र मुन्नी लाल वासी गांव भवानी खेडा, गुरप्रीत सिंह उर्फ गौर पुत्र भगत सिंह, सोम पाल पुत्र सूरज भान शाहिल उर्फ दिलशाद पुत्र सुलेमान वासी धनौरा जाटान जिला अंबाला, गुरमंत्र उर्फ गगन चीमा पुत्र पदम प्रवेश सिंह वासी भौर सैदां व निशान सिंह पुत्र मान सिंह को 10-10 साल की कैद और एक-एक लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई तथा सातवें आरोपी जिला जेल वार्डन जय सिंह पुत्र अमर सिंह वासी मुराद नगर जिला करनाल को चार साल की कैद व 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
जिला उप न्यायवादी ने बताया कि 16 अक्तूबर 2017 को डीएसपी राज सिंह अपने कार्यालय में हाजिर थे। इस दौरान करीब तीन बजे जिला अपराध शाखा के निरीक्षक दीपेंद्र सिंह को एक लिखित नोटिस प्राप्त हुआ था कि रणजीत सिंह पुत्र मुनी लाल वासी गांव भवानी खेड़ा ने जिला जेल कुरुक्षेत्र में तैनात वार्डन जय सिंह के माध्यम से जिला जेल में बंद दिलशाद उर्फ साहिल पुत्र सुलेमान वासी गांव धनौरा थाना मुलाना जिला अंबाला के पास स्मैक भेजी जाएगी। इस काम के लिये जेल वार्डन जय सिंह को रिश्वत के साथ हेरोइन (स्मैक) दी गई है। नोटिस प्राप्त होने पर डीएसपी राज सिंह ने सीआईए प्रभारी दीपेंद्र सिंह को कुरुक्षेत्र जेल के बाहर अपनी टीम सहित पहुंचने को कहा था। उक्त अधिकारी सीआईए की टीम के साथ जेल परिसर में पहुंची थी। इस दौरान जेल उपनिरीक्षक सुभाष चंद्र ड्यूटी पर मौजूद मिले थे।
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उप न्यायवादी ने बताया कि पूरे हालात की जानकारी के साथ वार्डन जय सिंह व आरोपी दिलशाद उर्फ साहिल की तलाशी की अनुमति ली गई थी। जिन्होंने उपरोक्त की तलाशी लेने बारे लिखित अनुमति प्रदान की। इसी समय कृष्ण कुमार मान व यश कुमार सहायक अधीक्षक जेल भी वहां पहुंचे थे, इन्हें भी टीम में शामिल टीम किया गया था। बताया गया है कि उस रोज ड्यूटी रोस्टर के अनुसार वार्डन जय सिंह की ड्यूटी दोपहर दो से शाम छह बजे तक जेल की छत पर संतरी ड्यूटी पर लगी थी। जेल में छापामारी के लिये पहुंची टीम जेल की छत पर वार्डन जय सिंह की संतरी पोस्ट के पास पहुंची थी। बताया गया है कि डीएसपी ने यहां पूछताछ की थी। टीम को पता चला था कि जेल में बंद आरोपी दिलशाद उर्फ साहिल के पास पहुंचाने की एवज में रणजीत पुत्र मुनी लाल वासी भवानी खेड़ा से इस कार्य के लिये रिश्वत ली गई थी। इस छापामारी के दौरान नशीला पदार्थ व लिये गये रिश्वत के पैसों के बारे में तलाशी ली गई थी। तलाशी के दौरान वार्डन जय सिंह की वर्दी की पेंट की दाहिनी जेब में से एक पन्नी प्लास्टिक रंग सफेद वजनी बरामद हुई थी। इसे खोलकर चेक किया तो पन्नी के अंदर हेरोइन (स्मैक) बरामद हुई थी। जिसका वजन करने पर 5 ग्राम पाया गया था। इसी के साथ वार्डन की जेब से दो हजार रुपये के 4 करेंसी नोट 500-500 वाले बरामद हुए थे।
आरोपी जेल वार्डन जय सिंह ने माना कि उसने रणजीत सिंह पुत्र मुनी लाल वासी भवानी खेड़ा ने जेल में बंद आरोपी दिलशाद उर्फ साहिल के पास हेरोइन (स्मैक) पहुंचाने के एवज में रिश्वत के तौर पर यह रुपये लिये थे। बताया गया है कि उक्त मामले में पुलिस ने थाना शहर थानेसर में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस की जांच के दौरान आरोपी ने एक मोबाइल भी बरामद करवाया था। जय सिंह की शनाख्त पर आरोपी रणजीत सिंह गधौली जिला अंबाला को गिरफ्तार किया गया था, जिससे 3 हजार रुपये व मोबाइल भी बरामद हुए थे। पुलिस टीम ने 21 अक्तूबर 2017 को गुरमीत उर्फ गोरा को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस टीम ने उससे उक्त काम में प्रयोग मोटर साइकिल तथा मोबाइल बरामद किया था। उसके बाद साहिल उर्फ दिलशाद से पूछताछ की जिसने वारदात में प्रयोग मोबाइल बरामद करवाया था। 27 नवंबर 2017 को निशान सिंह पुत्र मान सिंह वासी पूजा विहार कॉलोनी अंबाला व गुरमंत्र उर्फ गगन चीमा को जांच में शामिल कर गिरफ्तार किया था। इस मामले में नियमित सुनवाई करते हुए न्यायाधीश राकेश सिंह ने गवाहों व सबूतों के आधार पर दोषी करार देते हुए अलग अलग धाराओं में छह आरोपियों को सुनाई 10-10 साल की कैद और एक-एक लाख रुपये जुर्माना व जेल वार्डन को चार साल की कैद तथा 20 हजार जुर्माना की सजा सुनाई गई है।
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