कुरुक्षेत्र। पूरी दुनिया को जीवन की राह दिखाने वाली पवित्र गीता अब इंडोनेशिया के बाली की एसेंबली में भी विराजित होगी। इससे संदेश लेते हुए वहां की सरकार अपने देश व प्रदेश को आगे बढ़ाने का काम करेगी। गीता की यह प्रति हरियाणा सरकार व कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की ओर से इंडोनेशिया के बाली में आयोजित किए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के दौरान पहले ही दिन 12 सितंबर को भेंट की जाएगी।
बाली में इस बार 12 से 15 सितंबर तक यह आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की टीम तैयारियां पूरी कर लौट आई है। केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल, सीईओ पंकज सेतिया, चेयरमैन एमएम छाबड़ा व सदस्य सचिव विकास गुप्ता तैयारियों के चलते एक सप्ताह पहले इंडोनेशिया पहुंचे थे। तय कार्यक्रम के अनुसार वहां अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के साथ-साथ सद्भावना यात्रा, गीता पाठ व गीता आरती भी की जाएगी। इसके साथ ही स्कूली बच्चों के बीच गीता पर अलग-अलग विषयों के अनुसार प्रतियोगिताएं होंगी, सामाजिक व अन्य संगठन गीता यज्ञ और अन्य कार्यक्रम भी होंगे।
गरुड़ कल्चरल सेंटर में होगा गीता सेमिनार
तय कार्यक्रम के अनुसार बाली के गरुड़ कल्चरल सेंटर में गीता सेमिनार होगा और पेनिनसुला पार्क में गीता यात्रा भी आयोजित की जाएगी। बाली की एसेंबली में गीता भेंट किए जाने के लिए प्रदेश सरकार व केडीबी की ओर से अनुरोध पत्र सौंपा जा चुका है।
इन देशों की संसद में विराजित हो चुकी है गीता
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गीता महोत्सव वर्ष 2016 में पहली बार मॉरिशस में मनाया गया था। इसके बाद अब तक कनाडा, यूके, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में भी यह महोत्सव मनाया जा चुका है। इन देशों को महोत्सव के दौरान पवित्र गीता भेंट की जा चुकी है, जो वहां संसद और एसेंबली में विराजित की गई है।
भगवान बाली की धरती पर मनेगा महोत्सव : उपेंद्र
केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल का कहना है कि इंडोनेशिया के बाली में ही अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के कार्यक्रम होने हैं, इनकी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। इस आयोजन के लिए वहां की सरकार ने भरपूर उत्साह दिखाया है। इस आयोजन के जरिये आंतरिक शक्ति, नैतिक जीवन और सद्भाव पर केंद्रित गीता की शाश्वत शिक्षाओं को साझा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बाली भगवान बाली की धरती है। धर्मनगरी का भी भगवान बाली से सीधा संबंध है और इंडोनेशिया के बाली प्रांत का नाम भी उन्हीं से रखा गया है। ऐसे में वहां पर आयोजन होना भी एक संयोग है।