कुरुक्षेत्र। ज्योतिसर, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने करीब पांच हजार साल पहले अर्जुन को गीता अमर संदेश दिया था जो आज भी पूरी मानवता के लिए प्रासंगिक है। करोड़ों लोगों के लिए यह तीर्थ आस्था का केंद्र बना हुआ है, जिसकी पहचान देश-विदेश तक है। अब आस्था के साथ-साथ यह पर्यटन हब भी होगा। इसके लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। श्रीकृष्ण सर्किट के तहत केंद्र सरकार भी इस तीर्थ को पर्यटन हब के तौर पर विकसित करने के लिए करोड़ों रुपये जारी किए गए तो वहीं प्रदेश सरकार भी इसके लिए 200 करोड़ से ज्यादा का खर्च कर चुकी है। महाभारत थीम पर बनाया जा रहा ज्योतिसर अनुभव केंद्र भी सरकार की दृष्टि में बड़ी पहल है। इसी केंद्र के तैयार हो चुके पांच में से दो हॉल का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 फरवरी को लोकार्पण करेंगे।
14 करोड़ से स्थापित किया जा चुका श्रीकृष्ण का विराट स्वरूप
इसी तीर्थ पर भगवान श्रीकृष्ण का विराट स्वरूप नवंबर 2021 में 10 फुट ऊंचे प्लेटफार्म पर स्थापित किया गया था। इस पर करीब 14 करोड़ का बजट खर्च किया गया था। 80 कारीगरों की मदद से एक वर्ष में यह विराट स्वरूप तैयार किया जा सका था। इसमें 85 प्रतिशत तांबा और 15 प्रतिशत अन्य तीन धातुओं का इस्तेमाल किया गया था। श्रीकृष्ण का यह विराट स्वरूप ज्योतिसर तीर्थ ही नहीं धर्मनगरी के लिए नई पहचान बन चुका है। विगत वर्ष अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में भी यह स्वरूप मुख्य तौर पर प्रदर्शित किया गया था।
लाइट एंड साउंड शो देख रोमांचित हो उठते हैं पर्यटक
ज्योतिसर तीर्थ पर करीब छह करोड़ खर्च कर लाइट एंड साउंड शो शुरू किए गए। तीर्थ पर दर्शाया जाने वाला शो महाभारत थीम पर आधारित है तो वहीं दूसरा शो भगवान श्रीकृष्ण के विराट स्वरूप पर दर्शाया जाता है, जिसमें गीता का संदेश साक्षात दिए जाने का अनुभव होता है।
इस्कॉन मंदिर में विराजेगी विश्व की सबसे बड़ी गीता
ज्योतिसर तीर्थ से महज कुछ दूरी पर ही इस्कॉन की ओर से गुरु-शिष्य पर आधारित रथनुमा कृष्ण अर्जुन मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। करीब 200 करोड़ की लागत से छह एकड़ एरिया में बनाए जा रहे इस मंदिर में इटली में तैयार की गई गीता विराजेगी, जो विश्व की सबसे बड़ी गीता बताई जा रही है। विशालता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि इसका वजन एक हजार किलोग्राम होगा। करीब 700 पेज की इस पवित्र गीता के पन्ने मशीन द्वारा ही पलटे जा सकेंगे। यह गीता मंदिर में लाई जा चुकी है।
हर रोज पहुंचते हैं पांच हजार से ज्यादा पर्यटक
ज्योतिसर तीर्थ पर हर रोज पांच हजार से ज्यादा पर्यटक पहुंचते हैं। जैसे ही तीर्थ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाने लगा है तो पर्यटकों की संख्या भी बढ़ने लगी है। उम्मीद की जा रही है कि ज्योतिसर अनुभव केंद्र पूरी तरह से तैयार होने पर यहां हर रोज 10 से 15 हजार पर्यटक पहुंचेंगे।
विश्व पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा ज्योतिसर तीर्थ : सुधा
विधायक सुभाष सुधा का कहना है कि ज्योतिसर तीर्थ को केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की तरफ से भी स्वदेश दर्शन योजना के तहत श्रीकृष्ण सर्किट में शामिल किया गया। इस योजना के तहत भारत सरकार की तरफ से ब्रह्मसरोवर, ज्योतिसर तीर्थ, नरकातारी, सन्निहित सरोवर और शहर के विकास कार्यों को शामिल किया गया। इसके लिए 8054.70 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई। इसके अलावा ज्योतिसर में महाभारत थीम के भवनों के लिए भी योजना के तहत 3526.17 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई। केंद्र और राज्य सरकार के प्रयास से ही गीता स्थली ज्योतिसर को विश्व पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।