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गीता पूरे विश्व को मानती है एक परिवार : स्वामी ज्ञानानंद

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कुरुक्षेत्र। गीता ज्ञान संस्थानम् में आयोजित खिचड़ी उत्सव में हिस्सा लेते श्रद्धालु। विज्ञप्ति
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कुरुक्षेत्र। गीता ज्ञान संस्थानम् में जीओ गीता की ओर से पांच दिवसीय गीता चिंतन शिविर का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ स्वामी ज्ञानानंद ने किया। शिविर में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड सहित अनेक प्रदेशों के 200 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
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स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि गीता प्रेम का पाठ पढ़ाकर भेदभाव को दूर करती है और पूरे विश्व को एक परिवार मानती है। उन्होंने कहा कि गीता में अमृत का भंडार भरा हुआ है और सभी ग्रंथों का सार गीता में है। गीता संस्कृति का आभूषण है और सारा प्रदूषण दूर करती है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण भगवान की अनेक विभूतियों का वर्णन गीता में है। गीता का उपदेश प्रत्येक मानव के लिए है और हर युग में प्रासंगिक है। भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति की शंका का निवारण किया है। अर्जुन ने भगवान श्रीकृष्ण का शिष्य बनकर गीता का ज्ञान प्राप्त किया।
धूमधाम से मनाया खिचड़ी उत्सव
संस्थान स्थित श्री कृपा बिहारी जी के मंदिर में खिचड़ी उत्सव उल्लास के साथ मनाया गया। मंगला आरती और हवन आयोजित किया गया जिसमें श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर पुण्य लाभ अर्जित किया। गीता उत्सव के दौरान सूरदास, चतुर्भुज दास, सीता-राम जी की केवट लीला, लवकुश, राधा-कृष्ण की दिव्य झांकियों का प्रस्तुतिकरण किया गया।
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स्वामी ने कहा कि खिचड़ी उत्सव वृंदावन के श्रीराधा वल्लभ मंदिर की परंपरा के अनुसार मनाया जा रहा है। इस अवसर पर वृंदावन से पधारे रसिक संंतों और कलाकारों ने मधुर पद गायन और रसपूर्ण भजनों की प्रस्तुति दी। श्रीकृष्ण कृपा जीओ गीता के प्रधान डाॅ. ऋषिपाल (प्राचार्य जनता काॅलेज कोल) की ओर से सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया गया कि वे खिचड़ी उत्सव के दूसरे दिन 5 जनवरी को प्रात: साढ़े छह बजे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचे।

कुरुक्षेत्र। गीता ज्ञान संस्थानम् में आयोजित खिचड़ी उत्सव में हिस्सा लेते श्रद्धालु। विज्ञप्ति

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