केंद्रीय मंत्री ने सीनेट हाल में कृष्णा सर्किट फेस-1 में किए गए कार्यों की पावर प्रेजेंटेशन देखने के बाद कहा कि प्रथम फेस में 97 करोड़ 34 लाख रुपये की राशि ज्योतिसर, सन्निहित सरोवर, ब्रहमसरोवर, नरकरतारी और शहर के विकास कार्यों पर खर्च की जा रही है। इन तीर्थों पर लगभग कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य को तेज गति से करने के आदेश दिए गए हैं।
मेवात जिले के पांडव मंदिर और पानीपत के तरणतुक यक्ष सींक होंगे विकसित
इस कृष्णा सर्किट फेस 2 में कुरुक्षेत्र के अमीन, पिहोवा, थानेसर, ज्योतिसर, अष्टकोषी परिक्रमा, करनाल जिले के व्यास स्थली, कैथल जिले के गांव फरल के फल्गु तीर्थ, जींद जिले के रामहर्थ तीर्थ रामराय, सोमतीर्थ पिंडारा, सफीदों के सरपडामन तीर्थ, मेवात जिले के पांडव मंदिर और पानीपत जिले के तरणतुक यक्ष सींक को विकसित करने का निर्णय लिया गया है।
इन तीर्थों पर कृष्णा सर्किट फेस 2 के तहत लगभग 100 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। उन्होंने कहा कि फेस 2 में कुरुक्षेत्र के तीर्थों पर लगभग 52 करोड़, करनाल के तीर्थों पर लगभग 2 करोड़, कैथल के तीर्थों पर 6 करोड़ 15 लाख, जींद के तीर्थों पर 19 करोड़ 50 लाख, पानीपत के तीर्थों पर 2 करोड़ 46 लाख, मेवात के पांडव मंदिर पर लगभग 2 करोड़ तीर्थों पर राशि खर्च की जाएगी।