कुरुक्षेत्र। कार्रवाई के दौरान ढहाया जा रहा एक घर का गेट। संवाद
कुरुक्षेत्र। रत्नडेरा गांव में वर्षों से पंचायती जमीन पर किए गए अवैध कब्जों पर प्रशासन का बुलडोजर चलाया, जिससे गांव के लोगों में खलबली मच गई। करीब तीन घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान किसी के गेट को तोड़ा गया तो किसी की दीवारें हटाई गई। रैंप से लेकर पशु चारे के कूप भी हटाए गए।
प्रशासन की इस कार्रवाई से संबंधित लोगों में कड़ा रोष बना रहा तो कुछ समय तक तनाव के भी हालात बने लेकिन अधिकारियों ने मोर्चे को संभाले रखा। एक के बाद एक दर्जन भर जगहों पर यह कार्रवाई की गई। इससे पहले प्रशासन द्वारा निशानदेही करवाई गई और इसमें जो भी हिस्सा पंचायती जमीन पर पाया गया उसे हटा दिया गया।
कई ग्रामीणों ने इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि उन्हें नोटिस तक नहीं दिया गया और न ही मौके पर दिखाया गया। ऐसे में प्रशासन की यह ज्यादती है। कई ग्रामीणों ने आरोप लगाए कि यह उनके साथ भेदभावपूर्ण की गई कार्रवाई है। अगर पंचायती जमीन छुड़ाई जानी है तो सभी पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
उधर, ड्यूटी मजिस्ट्रेट एसडीएम पंचायती राज विजय कुमार ने कहा कि गांव की फिरनी पर यह अवैध कब्जे किए हुए थे। सरकार के आदेश है कि पंचायती जमीनों से अवैध कब्जे हटवाए जाएं। अभी फिरनी पर कार्रवाई की गई है, जो पूरे नियमानुसार रही है।
वहीं गांव के सरपंच कुलदीप सिंह का कहना है कि लंबे समय से लोगों से अवैध कब्जे हटाए जाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। सभी जगह से ऐसे कब्जे छुड़वाए जाने हैं। जोहड़ की जमीन से भी अवैध कब्जे छुड़वाने की प्रक्रिया जल्द शुरू कराई जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से भी आह्वान किया कि इससे हर ग्रामीण को सहूलियत होगी, जिसके चलते सहयोग करना चाहिए।
कुरुक्षेत्र। कार्रवाई के दौरान ढहाया जा रहा एक घर का गेट। संवाद
कुरुक्षेत्र। कार्रवाई के दौरान ढहाया जा रहा एक घर का गेट। संवाद