गेट पास कटवाने के लिए लाइन में लगे किसान।
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नई अनाज मंडी थानेसर में धान की भारी आवक को देखते हुए तीन-तीन जगह गेट पास काटे जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद भी किसानों की कतारें टूटने का नाम नहीं ले रहीं। कई किसान तो ऐसे हैं, जो दो दिन से गेटपास कटवाने के लिए मंडी में चक्कर लगा रहे हैं। पोर्टल में दिक्कत आने के कारण मार्केट कमेटी द्वारा तीन-तीन जगह गेटपास काटे जा रहे हैं, जिसमें गेट नंबर एक और दो के अलावा कृषि कार्यालय में भी गेट पास जारी किए जा रहे हैं।
मंडी में इस समय धान की आवक जोरों पर है, जिससे की गेटपास लेने के लिए एक-एक जगह पर किसानों की लंबी लंबी कतारें लगी हुई हैं। इस अव्यवस्था के बीच किसानों को यहां गेटपास की पक्की पर्ची देने की बजाए छोटे से कागज के टुकड़े पर नंबर लिखकर दिया जा रहा है। इस कागज के टुकड़े को किसान जब आढ़ती या फिर खरीद एजेंसी को दिखते हैं तो वह कहते हैं कि पक्का गेटपास दिखाओ, ऐसे स्थिति में किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है। सोमवार को मंडी का निरीक्षण करने पहुंचे खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की उपनिदेशिका अनीता खर्ब को भी जब किसानों ने यह पर्ची दिखाया तो उन्होंने भी कहा कि यह गेट पास नहीं हैं पहले असली गेटपास दिखाओ।
इस पर किसानों ने कहा कि हमें तो कमेटी द्वारा यही गेटपास जारी किए गए हैं। वहीं लाइनों में किसानों ने भी उपनिदेशिका से गेट पास की व्यवस्था में सुधार करने की मांग की। मंडी में निरीक्षण के दौरान उपनिदेशिका ने किसानों से बातचीत की तो एक किसान ने हाथ जोड़कर उनसे कहा कि मैडम में पिछले 25 दिनों से मंडी में अपनी फसल लेकर बैठा हूं, लेकिन अब तक उसकी फसल का एक भी दाना नहीं बिका है। अनिता खर्ब ने निरीक्षण के दौरान धान की ढेरियों का मोस्चर चेक करवाया वहीं एजेंसी अधिकारियों को भी निर्देश दिए की जो धान 17 मोर्स्च की है उसे खरीदने व उठान में देरी न की जाए।
मिलर्स बोले- आवक ज्यादा, दो दिन मंडी बंद कर दो, हम करेंगे उठान
हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन के चेयरमैन ज्वैल सिंगला ने कहा कि मंडी में किसी द्वारा शिकायत की गई थी कि मिलर्स कम कीमत पर माल उठा रहे हैं। शिकायत पर जब सभी मिलर्स मंडी पहुंचे तो कोई भी शिकायतकर्ता सामने नहीं आया। सिंगला ने कहा कि अब मिलर्स सिर्फ मोस्चर के आधार पर ही माल का उठान करेंगे। अगर मोस्चर 17 प्रतिशत है तो सरकारी रेट, 18 है तो एक किलो कट और 19 है तो दो किलो कट लगाया जाएगा। वहीं, ज्वैल सिंगला ने एसडीसी के समक्ष सुझाव भी रखा कि मंडी में इस समय बहुत धान आ चुका है, जिस कारण मंडी अट चुकी है। ऐसी स्थिति में यदि दो दिन मंडी को बंद रखा जाए तो मिलर्स सारे माल का उठान कर लेंगे, लेकिन एडीसी ने उनका यह सुझाव अस्वीकार कर दिया। सिंगला ने कहा कि ठेकेदार द्वारा ट्रक न देने के कारण मंडी अटी हुई है।