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मोर्चाबंदी तीसरे दिन जारी, भारी पुलिस बल मुस्तैद

Tue, 05 Aug 2014 12:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
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छठी पातशाही गुरुद्वारे की सेवा संभालने के लिए संघर्ष कर रहे एचएसजीएमसी के नेताओं की सड़क पर मोर्चाबंदी का सोमवार को तीसरा दिन हो गया। उधर, छठी पातशाही गुरुद्वारे में हरियाणा के अलावा पंजाब की संगत बड़ी संख्या में डेरा डाले है।
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सोमवार को दिल्ली से कई बसें एसजीपीसी के समर्थन में कुरुक्षेत्र पहुंची। बताया गया है कि इन बसों में सैकड़ों लोग दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने कुरुक्षेत्र भेजे हैं।

इधर, झींडा के नेतृत्व में एचएसजीएमसी का एक शिष्टमंडल चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मिला। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी भी गुरुघरों की सेवा कर रही है और यही काम हरियाणा में कानूनी रूप से बनी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी भी करना चाहती है।
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वहीं पिछले दो दिन से कुरुक्षेत्र में एसजीपीसी अमृतसर की पूर्व अध्यक्ष बीबी जागीर कौर भी डेरा डाले हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि अकाल तख्त से निष्काषित झींडा और नलवी के साथ बैठकर तब तक कोई चर्चा नहीं हो सकती जबतक अकाल तख्त से इनका फैसला नहीं होता।

उन्होंने चट्ठा को सिख कौम के नाम पर धब्बा बताया। इधर, सीएम से चंडीगढ़ में बैठक के बाद सोमवार देर शाम को एचएसजीएमसी के नेताओं की एसजीपीसी अमृतसर के नेताओं के साथ गुप्त वार्ता हुई।

इस बैठक में कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आ सका। एसजीपीसी अमृतसर के सदस्य बलदेव सिंह कायमपुरी का कहना है कि उन्हें बैठक की जानकारी तो मिली लेकिन बैठक में वह शामिल नहीं हो सके।

उन्होंने बताया कि देर शाम एचएसजीएमसी के महासचिव जोगा सिंह के यमुनानगर स्थित आवास पर झींडा, नलवी और अन्य नेता एकत्रित हुए थे।

इसके बाद नेताओं ने कब और कहां बैठक की इसकी जानकारी उन्हें नहीं मिली। कामयपुरी ने बताया कि उन्होंने एसजीपीसी अध्यक्ष मक्कड़ के साथ मौजूद एक पदाधिकारी को फोन मिलाया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं मक्कड़, झींडा और नलवी से जब जानकारी लेनी चाही तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

इधर, गुरुद्वारे के बाहर पिछले तीन दिन से पुलिस छावनी का नजारा बरकरार है। भारी संख्या में तैनात पुलिस बल की मौजूदगी में नगर की मेन रोड पर मोर्चा लगाए बठे एचएसजीएमसी के नेताओं ने भाषणबाजी जारी रखी। सड़क पर ही सोमवार को लंगर चलते रहे।
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