संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। गणपति बप्पा मोरया... गणपति बप्पा मोरया... के जयकारों से बुधवार को धर्मनगरी गूंज उठी। मौका था श्री गणेश उत्सव के पहले दिन का, जहां जगह-जगह सजाए गए पंडालों में भगवान श्री गणपति को विराजमान किया गया। श्रद्धालुओं ने गणपति के विराजमान होने की जमकर खुशी मनाई गई तो पूजा अर्चना भी की गई। घरों, बाजारों से लेकर पंडालों तक पूरा नजारा श्री गणपतिमय बना रहा।
शहर के श्री गणेश उत्सव कमेटी की ओर से मेन बाजार में पंडाल सजाया गया, जहां अंबाला से लेकर आए श्रीगणपति बप्पा को विराजमान किया गया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु गणपति बप्पा के नारे लगाकर जश्न मनाते रहे। श्रद्धालुओं में उत्साह देखते ही बन रहा था।
वहीं शहर के गोशाला बाजार, छोटा बाजार में भी पंडालों में गणपति बप्पा को विराजमान किया गया और श्रद्धालुओं ने विधिवत रूप से पूजा अर्चना की। इस दौरान जगह-जगह प्रसाद बांटा गया तो भंडारे भी लगाए गए। उत्सव को लेकर बाजारों में भी रौनक बनी रही। घरों में भी पूरे विधि विधान से लोगों ने गणपति बप्पा को मंदिरों में विराजमान किया गया।
अखिल भारतीय श्री मार्कंडेश्वर जनसेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं श्री मार्कंडेश्वर महादेव मंदिर ठसका मीरां जी के व्यवस्थापक महंत जगन्नाथ पुरी ने विधि पूर्वक मंत्रोच्चारण के साथ भगवान श्री गणेश की प्रतिमा स्थापित की। उन्होंने बताया कि श्री गणेश महोत्सव की पूजा तथा उत्सव कोई साधारण अवसर नहीं है बल्कि यह तो देश की राष्ट्रीय एकता तथा भारतीय भाईचारे का उत्सव है।
उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में लोगों ने ब्रिटिश शासन के दौरान बहुत साहस और राष्ट्रवादी उत्साह के साथ अंग्रेजों के क्रूर व्यवहार से मुक्त होने के लिए इस उत्सव को मनाना शुरू किया था। गणेश विसर्जन की रस्म लोकमान्य तिलक द्वारा स्थापित की गई थी। उन्होंने बताया धीरे-धीरे लोगों ने यह त्योहार परिवार के समारोह से सार्वजनिक भागीदारी के माध्यम से मनाना शुरू किया। इस अवसर पर स्वामी संतोषानंद, स्वामी सीता राम, प. मुकुल शास्त्री, रवि शर्मा, सुक्खा सिंह, नाजर सिंह, नरेंद्र मोहन गुप्ता, रंजना गुप्ता, देवी गुप्ता, सुखप्रीत कौर, रितिका व मधुरिमा इत्यादि मौजूद रहे।
भगवान गणेश की आरती करते श्रद्धालु। संवाद- फोटो : Kurukshetra