कुरुक्षेत्र। जिले में घट रही लगभग हर आपराधिक वारदात के पीछे संगठित अपराधियों के नाम सामने आ रहे हैं। इन संगठनों के सरगना विदेशों में छिप कर बैठे हैं, जिन्हें पुलिस इंटर पोल के माध्यम से वापस लाने के लिए भी कवायद कर रही है।
यह अपराधी पुलिस की नजर से दूर रहते हुए नए युवाओं को सोशल मीडिया के माध्यम से आपराधिक दुनिया के दलदल में धकेल रहे हैं। इन संगठनों के सरगना जिले के साथ-साथ आसपास के जिलों में शराब कारोबार में अपना वर्चस्व स्थापित करने की जुगत में हैं।
जिले के लाडवा कस्बे में तीन दिन पहले हुई शराब ठेके पर गोलीबारी का प्रयास करने वाले हरविंद्र को भी विदेश से ही यह सब करने का आदेश मिला था। उसे आदेश देने वाला लवप्रीत आर्मेनिया में बैठा है और वह कुरुक्षेत्र पुलिस का रंगदारी मांगने के मामले में वांछित है।
ऐसे ही शाहाबाद में अमन ढाबे पर गोलीबारी करने वाले बदमाशों के कनेक्शन भी विदेश में बैठे कौशल चौधरी से निकले। ऐसा ही शराब ठेकेदार शांतनु हत्याकांड में विदेश में बैठे नोनी राणा ने इंटरनेट मीडिया के जरिये इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली थी। वह शाहाबाद के लाडवा रोड पर स्थित एक आइलेट्स सेंटर पर गोलीबारी के बाद विदेश से ही रंगदारी के लिए कॉल आया।
पुलिस चाह कर भी इन्हें काबू नहीं कर पा रही है। पुलिस इन अपराधों में सीधे तौर पर शामिल अपराधियों को काबू करने के लिए दौड़ लगाने में व्यस्त रहती है, इस बीच विदेशों में बैठे गैंगस्टर जिले में किसी अन्य आपराधिक वारदात को अंजाम दिलवा देते हैं। पुलिस विदेशों में बैठे बदमाशों पर अंकुश नहीं लगा पा रही है। हालांकि कई मामलों में कुछ अपराधियों को काबू भी किया है।
शराब कारोबार में नया सिंडिकेट तैयार कर रहे विदेशों में बैठे गैंगस्टर : हाल ही में हुई कई आपराधिक वारदातों में देखा गया कि यह बदमाश शराब ठेकेदारों को अपना निशाना बना रहे हैं। इनके चलते कुरुक्षेत्र व यमुनानगर के शराब ठेकों की बोली देने के लिए भी कोई ठेकेदार आगे नहीं आया। इसके बाद सरकार ने ठेकों की बोली देने के लिए बेस प्राइस भी कम करना पड़ा। इसके बाद भी विदेश में बैठे गैंगस्टर इन ठेकेदारों को निशाना बना रहे हैं और शराब ठेकों में अपना हिस्सा तय करने की मांग कर रहे हैं।