कुरुक्षेत्र। गांधी शिल्प बाजार में लगी स्टॉल का अवलोकन करते मुख्यातिथि प्रो. विवेक चावला सहित
कुरुक्षेत्र। किसी भी प्रदेश की संस्कृति और परंपराओं की रक्षा प्रदेश के लोक कलाकार तथा शिल्पकार करते हैं। जहां एक ओर लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से युवा पीढ़ी को संस्कृति से जोड़े रखते हैं तो वहीं प्रदेश के शिल्पकार अपनी हस्तशिल्प कला के द्वारा पारंपरिक तथा पुरातन धरोहर को आमजन तक पहुंचाने का सराहनीय कार्य करते हैं।
ये विचार कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा एवं सांस्कृतिक विभाग के निदेशक डाॅ. विवेक चावला ने कला कीर्ति भवन के परिसर में लगे गांधी शिल्प बाजार के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्यातिथि व्यक्त किए। ये 10 दिवसीय गांधी शिल्प बाजार वस्त्र मंत्रालय, ग्रीनवेल चिल्ड्रन सोसायटी नागौर के सहयोग में कला कीर्ति भवन में आयोजित किया गया है। इस मौके पर हस्तशिल्प वस्त्र मंत्रालय की ओर से हस्तशिल्प संवर्धन अधिकारी चेतना वर्मा, हरियाणा कला परिषद के निदेशक नागेंद्र शर्मा, ग्रीनवेल चिल्ड्रन सोसायटी के सचिव साहबराम चौधरी तथा हरियाणा कला परिषद के कार्यालय प्रभारी धर्मपाल गुगलानी ने अतिथियों का स्वागत किया।
70 शिल्पकारों ने प्रदर्शित की शिल्पकला
नौ फरवरी तक चलने वाले गांधी शिल्प बाजार में समूचे भारत के 70 से अधिक शिल्पकारों ने अपनी कृतियों की प्रदर्शनी लगाई हैं। राजस्थान की कसीदाकारी, बिहार की मधुबनी पेंटिंग, लखनऊ की चित्रकारी, पंजाब की जूती के साथ-साथ खिलौने, कलकत्ता के फूल, फिरोजाबाद का ग्लास, सहारनपुर का फर्नीचर, भागलपुर का सिल्क तथा बनारस की साड़ी की स्टॉल सभी दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।
कुरुक्षेत्र। गांधी शिल्प बाजार में लगी स्टॉल का अवलोकन करते मुख्यातिथि प्रो. विवेक चावला सहित