फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kurukshetra News: लद्दाख से हिमाचल तक गुरुकुल की प्राकृतिक खेती ने जगाई नई उम्मीद

विज्ञापन
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। गुरुकुल कुरुक्षेत्र का प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण केंद्र देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले किसानों व कृषि छात्रों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दे रहा है। हाल ही में लद्दाख से 20 किसानों के दल ने प्रशिक्षण लिया। हिमाचल प्रदेश के चौधरी यशवंत सिंह परमार कृषि विश्वविद्यालय के 15 विद्यार्थियों ने भी पांच दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त किया।
विज्ञापन

प्रशिक्षण के दौरान उन्हें प्राकृतिक खेती की तकनीक और गुरुकुल के कृषि फार्म में उनके व्यावहारिक प्रयोग सिखाए गए। लद्दाख से कृषि अधिकारियों हाजी अली और मोहम्मद ईशाक के नेतृत्व में 20 प्रगतिशील किसान गुरुकुल पहुंचे। प्रशिक्षण के बाद वे लद्दाख में प्राकृतिक खेती अपनाने और अन्य किसानों को प्रेरित करने का काम कर रहे हैं। गुरुकुल के व्यवस्थापक रामनिवास आर्य ने बताया कि विद्यार्थियों ने कृषि फार्म का भ्रमण किया। उन्होंने प्राकृतिक तरीके से उगाई जा रही सब्जियों, फलों और खाद्यान्न फसलों का अवलोकन किया। इन फसलों के उत्पादन में रासायनिक उर्वरक और कीटनाशकों का इस्तेमाल नहीं होता है।

वैज्ञानिकों ने समझाया प्राकृतिक खेती का महत्व
प्रशिक्षण में कृषि वैज्ञानिक डॉ. हरिओम और डॉ. बलजीत सहारण ने मिट्टी में केंचुओं व मित्र सूक्ष्मजीवों की गतिविधियों पर जानकारी दी। डॉ. सुवेंदु और गगनदीप ने विद्यार्थियों को खेत में चल रहे प्रयोग से अवगत कराया। उन्होंने प्राकृतिक कीट नियंत्रण तकनीक के बारे में भी बताया। प्रशिक्षण के बाद विद्यार्थियों ने प्राकृतिक खेती को पर्यावरण और खाद्यान्न उत्पादन से जोड़कर इसके महत्व पर विचार रखे। गुरुकुल का यह केंद्र किसानों, कृषि अधिकारियों और कृषि विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें