कुरुक्षेत्र। लगातार सिरदर्द, बार-बार चश्मे का नंबर बदलना या अचानक दर्द के दौरे पड़ना ब्रेन ट्यूमर का गंभीर संकेत हो सकता है। इन लक्षणों को सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। समय पर बीमारी की पहचान से मरीज की जान बचाने के साथ उपचार को भी अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस पर जिला कैंसर विशेषज्ञ रमेश सबरवाल ने महत्वपूर्ण जानकारी दी। उनके पास हर महीने औसतन दो से तीन ब्रेन ट्यूमर के मरीज पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि ब्रेन ट्यूमर मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है। पहला वह जो शरीर के अन्य अंगों जैसे फेफड़ों या स्तन से फैलकर मस्तिष्क तक पहुंचता है। दूसरा प्रकार सीधे मस्तिष्क में विकसित होता है, जिसे प्राइमरी ब्रेन ट्यूमर कहते हैं। ऐसे मामले अपेक्षाकृत कम होते हैं। अधिकांश मामलों में कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों से दिमाग तक फैलता है। इसलिए कैंसर मरीजों को नियमित जांच करानी चाहिए। आधुनिक चिकित्सा तकनीकों से कई प्रकार के ब्रेन ट्यूमर का सफल उपचार संभव है।
प्रमुख लक्षण और चेतावनी
यदि किसी व्यक्ति का चश्मे का नंबर हर 15-20 दिन में बदल रहा हो तो उसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। लगातार सिरदर्द या दर्द के दौरे पड़ने पर तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। ब्रेन ट्यूमर के अन्य लक्षणों में धुंधला दिखाई देना, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी शामिल है। संतुलन बिगड़ना, बोलने में परेशानी और बार-बार उल्टी होना भी इसके संकेत हैं।
कब कराएं जांच
डॉ. रमेश सबरवाल के अनुसार, यदि सिरदर्द लंबे समय तक बना रहे तो जांच करानी चाहिए। अचानक दृष्टि संबंधी समस्या शुरू होने पर भी सतर्क रहना चाहिए। चश्मे का नंबर तेजी से बदलने लगे तो तुरंत सीटी स्कैन या एमआरआई जैसी जांच करवानी चाहिए। समय पर पहचान ही इस बीमारी से बचाव और सफल उपचार की कुंजी है। इस साल की थीम भी शीघ्र पहचान और निदान की खाई को कम करना है।
ब्रेन ट्यूमर के प्रमुख संकेत
-लगातार या असामान्य सिरदर्द
-चश्मे का नंबर बार-बार बदलना
- दर्द या दौरे पड़ना
- धुंधला या दोहरा दिखाई देना
- शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी
- संतुलन बनाने में परेशानी
-बार-बार उल्टी आना