कुरुक्षेत्र/पिपली। यूरोप का फर्जी वीजा देकर 8.95 लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता ने जांच अधिकारी पर भी आरोपियों के साथ मिलीभगत करने का आरोप लगाया है। आरोपी प्रिंस उर्फ राजेश और सुखविंद्र ने युवक को शेंगेन वीजा देकर वर्क परमिट पर यूरोप भेजने का झांसा दिया था।
थाना सदर में दर्ज शिकायत में अमरनाथ निवासी पिपली ने बताया कि पिछले साल अप्रैल में आरोपी प्रिंस ने उसके बेटे अभय को आईलेट्स करके विदेश भेजने की बात कही थी। अगले महीने मई में आरोपी ने उसकी मुलाकात दूसरे आरोपी सुखविंद्र सिंह से कराई। आरोपियों ने अभय का पासपोर्ट, स्कूल प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, आधार कार्ड, जन्म प्रमाण-पत्र और आठ फोटो लेकर करीब 10 लाख रुपये नकद लेकर जल्द ही वर्क परमिट पर शेंगेन वीजा देने का आश्वासन दिया।
उनकी बातों में आकर उसने 12 मई को आरोपी प्रिंस को 45 हजार रुपये गूगल-पे कर दिए। उसके बाद 11 सितंबर को साढ़े चार लाख रुपये आरोपियों को दिए, जिसके बाद आरोपी सुखविंद्र ने अभय के पासपोर्ट पर शेंगेन वीजा लगा हुआ दिखाया। वीजा देखर उसने 18 सितंबर को चार लाख रुपये और आरोपियों को थमा दिए। बाद में वीजा की जांच कराई तो वह फर्जी पाया गया। पैसे मांगने पर आरोपियों ने उनको चेक दिए, मगर चेक बाउंस हो गए। शिकायत पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।