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विदेश में रह रहे युवक ने धोखाधड़ी से लाइसेंसी रिवाल्वर को कराया रिन्यू

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विदेश में रह रहे उमरी के एक युवक द्वारा धोखाधड़ी से रिवाल्वर के लाइसेंस को रिन्यू करने का मामला सामने आया है। युवक पर आरोप है कि उसने अपने छोटे भाई के साथ मिलीभगत कर रिवाल्वर का लाइसेंस रिन्यू करवा लिया। इतना ही नहीं युवक पर नकली दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी से विदेश जाने का भी आरोप है। शिकायतकर्ता ने कहा कि आरोपी युवक ने अनुसूचित जाति का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर यमुनानगर के एक कालेज से एससी कोटे के तहत वर्ष 2001-02 में डीपीएड की डिग्री हासिल की। थाना सदर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।
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थाना सदर के अंतर्गत गांव उमरी के निवासी श्रीचंद मलिक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि उसके गांव का एक युवक 2016 से आस्ट्रेलिया गया हुआ है। उसने लाइसेंसी रिवाल्वर ली हुई है। आरोपी फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी से विदेश गया था। आरोपी ने अपने छोटे भाई के साथ मिलीभगत करके अपने लाइसेंसी रिवाल्वर को रिन्यू करने के लिए पुलिस को आवेदन किया था। आवेदन पर आरोपी के छोटे भाई ने हस्ताक्षर किए थे, जिसकी जानकारी उसे आरटीआई से उपलब्ध हुई थी। श्रीचंद मलिक ने आरोप लगाते हुए कहा कि लाइसेंस रिन्यू करवाने के लिए गांव के दो व्यक्तियों को भी गुमराह करके हस्ताक्षर करवाए गए हैं। आरोप है कि युवक ने विदेश में बैठे ही साजिश व मिलीभगत करके धोखाधड़ी से फर्जी दस्तावेज तैयार कर इस सारे काम को अंजाम दिया। श्रीचंद ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपी ने अपने पिता के साथ पिपली के एक बैंक में संयुक्त खाता खोला हुआ है। इस खाते में फर्जी दस्तावेज तैयार करके जन्मतिथि अलग दर्शाई गई है और इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर ही आरोपी ने अपना पासपोर्ट बनवाया हुआ है। श्रीचंद का कहना है कि उनकी जानकारी में आया है कि आरोपी ने नवंबर 2016 में दूसरे नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार कर पासपोर्ट बनवाया और गलत मैरिज सर्टिफिकेट बनवाकर आस्ट्रेलिया दूतावास से वीजा प्राप्त किया था। आरोपी की शादी यहीं पर हुई है और उसका एक बेटा भी है। पुलिस ने शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी व विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। इस बारे में जब जांच अधिकारी उपनिरीक्षक रविंद्र कुमार ने बताया कि अभी एफआईआर उन्हें नहीं मिली है। एफआईआर के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
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