नई फर्म बनाकर गोदाम को अवैध रूप से नई फर्म के पास रहन करके अपने ही पार्टनर को 99 लाख 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। इस मामले में अदालत के आदेश पर पुलिस ने पार्टनर के साथ धोखाधड़ी करने, नकली दस्तावेज तैयार करने व मिलीभगत करके 99.50 लाख रुपये का गबन करने के आरोप में दो महिलाओं सहित सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस को दी शिकायत में जगदीश सिंह वासी गांव अरुणाय ने कहा कि उसने गांव असमानपुर के पास तीन एकड़ खरीदी थी। साल 2001 में इंद्र सिंह, कश्मीर सिंह व रतन सिंह की साझेदारी में उन्होंने मैं. कंबोज कॉरपोरेशन नामक फर्म बनाकर ओबीसी बैंक से 72 लाख रुपये का कर्ज लिया था। कर्ज लेकर उन्होंने तीन एकड़ (24 कनाल) जमीन पर छह गोदाम का निर्माण कराया था। गोदाम का निर्माण पूरा होने पर इन गोदामों को हरियाणा स्टेट वेयरहाउस कारपोरेशन को किराए पर दिया गया। बैंक ऋण चुकता होने पर 2009 से गोदाम का किराया फर्म के पंजाब नेशनल बैंक खाते में जमा होने लगा था।
इस दौरान दिसंबर 2019 में रतन सिंह ने अपने भाई लखबीर सिंह व अन्य एक दोस्त हरजीत सिंह के साथ मिलकर कंबोज फाइनेंस कंपनी बनाई थी। रतन सिंह व उसके छोटे भाई हीरा सिंह ने मै. कंबोज कारपोरेशन व गोदामों को अवैध रूप से इस नई फर्म के पास 99 लाख 50 हजार रुपये में रहन कर दिया और इसका सारा पैसा अपने निकटतम संबंधियों व अपने दोस्त के परिवार के खातों में ट्रांसफर कर दिया। इस मामले की भनक लगने पर शिकायतकर्ता ने जून 2020 में इस धोखाधड़ी पर कार्रवाई करने को लेकर स्थानीय व जिला पुलिस तक गुहार लगाई थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने पर शिकायतकर्ता ने अदालत का रूख किया था।
अब अदालत के आदेश पर स्थानीय पुलिस ने रतन सिंह, लखबीर सिंह, हीरा सिंह, पिंदरजीत कौर, सिमरजीत कौर, हरजीत सिंह व हरदीप कौर के खिलाफ आईपीसी की धारा 406, 408, 409, 420, 467, 468, 471, 506 व 120 बी के तहत मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। मामले को लेकर सदर पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी सुभाष ने बताया कि पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है तथा पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।