कुरुक्षेत्र। चौदह साल से हरियाणा और पंजाब की राजनीति में अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का मुद्दा गर्मी लाता रहा है, अब छह जुलाई का दिन सिख राजनीति के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
सिखों की नजर इस दिन कैथल में होने वाले एचएसजीपीसी के महासम्मेलन पर है। इस सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा आमंत्रित हैं। एचएसजीपीसी के नेता यह मान कर चल रहे हैं कि महासम्मेलन में सीएम हुड्डा सरकार की ओर से अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की घोषणा कर सकते हैं।
विधानसभा चुनाव समीप आते ही एचएसजीपीसी को लेकर न सिर्फ कमेटी समर्थक सक्रिय होते हैं, बल्कि सरकार भी इसमें पूरी तरह से रुचि दिखाती है। गौरतलब है कि हरियाणा विधानसभा चुनाव 2004 और 2009 के दौरान प्रदेश कांग्रेस के घोषणापत्र पर नजर दौड़ाई जाए तो पता लगता है कि सत्तासीन पार्टी ने सूबे की सिख संगत को हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की सौगात देने का ऐलान किया था।
पंजाब से मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के प्रभाव का परिणाम है कि अभी तक यह कमेटी नहीं बन सकी। प्रकाश सिंह बादल लगातार तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के संपर्क में रहे। आरोप है कि शिरोमणि अकाली दल के सरपरस्त प्रकाश सिंह बादल द्वारा पूर्व पीएम पर लगातार दबाव बनाने का ही नतीजा है कि अभी तक हरियाणा में अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी नहीं बन पाई।
हरियाणा की कांग्रेस सरकार ने लगातार तीसरे विधानसभा चुनाव में फिर इसे हवा दी है और अबकी बार कमेटी गठन की संभावना भी काफी प्रबल मानी जा रही है, क्योंकि सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित मौजूदा सरकार में मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला इसके समर्थन में उतरे हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है चट्ठा कमेटी में अलग कमेटी की सिफारिश करने वाले हरियाणा विधानसभा के तत्कालीन स्पीकर एवं मौजूदा वित्तमंत्री हरमोहिंदर सिंह चट्ठा भी विशेष रूप से एचएसजीसी के पक्ष में है।
एसजीपीसी के अध्यक्ष जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़ के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने गृहमंत्री को इस बाबत एक मांगपत्र सौंपते हुए अपील की है कि अलग कमेटी की मुहिम पर रोक लगाई जाए। एचएसजीपीसी के अधिकतर बड़े आंदोलनों का गवाह कुरुक्षेत्र रहेगा, क्योंकि जीटी रोड जाम करने से लेकर, रेलवे ट्रैक बंद करने और गुरुघर में जबरन प्रबंध संभालने जैसी कार्रवाई कुरुक्षेत्र में ही हुई।
छह जुलाई को कैथल में सम्मेलन
अलग कमेटी की मांग कर रहे सिख छह जुलाई को कैथल में सम्मेलन करने जा रहे हैं। इस सम्मेलन में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे, जबकि वित्तमंत्री हरमोहिंदर सिंह चट्ठा कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। इसके अलावा रणदीप सुरजेवाला भी शिरकत करेंगे। यही, नहीं कुरुक्षेत्र के पूर्व सांसद नवीन जिंदल भी इस सम्मेलन में उपस्थित रहेंगे।
सीएम समेत अन्य नेताओं से मिले झींडा
जगदीश सिंह झींडा सम्मेलन में शिरकत करने का निमंत्रण पत्र देने के लिए मंगलवार को सीएम से चंडीगढ़ में मिले थे। झींडा ने अमर उजाला को बताया कि सीएम, वित्तमंत्री के अलावा वे रणदीप सुरजेवाला से मिले हैं और इन सभी नेताओं ने सम्मेलन में शिरकत करने का आश्वासन दिया है।
सीएम पर विश्वास, बनेगी कमेटी: झींडा
लंबे समय से हरियाणा में अलग कमेटी की लड़ाई लड़ रहे जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि सीएम पर सिखों को विश्वास है। उन्हें पूरा भरोसा है कि सीएम हुड्डा अपने आश्वासन को पूरा करते हुए प्रदेश में अलग कमेटी का गठन करेंगे।
पौने तीन लाख सिखों ने दिए थे शपथ पत्र
चट्ठा कमेटी ने प्रदेश की सिख संगत से राय मांगी थी। हरियाणा में अलग गुरुद्वारा प्रंबधक कमेटी का समर्थन करते हुए प्रदेश के करीब पौने तीन लाख सिखों ने शपथ पत्र दिए थे। इन शपथ पत्रों की जांच कराने के बाद चट्ठा कमेटी ने अपनी रिपोर्ट (एचएसजीपीसी गठन की सिफारिश सहित) हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को सौंप दी थी, जिस पर कानूनी राय ली जा रही है।
सिखों को बांट रही कांग्रेस : विर्क
एसजीपीसी वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विर्क ने कहा कि कांग्रेस सिखों को बांट रही है। सिखों की सर्वोच्च संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ही है, जिसे अब तोड़ने का प्रयास कांग्रेस पार्टी की ओर से किया जा रहा है। विर्क ने कहा कि सिख संगत अलग कमेटी के पक्ष में नहीं है, जिसका प्रमाण एसजीपीसी चुनाव है, जिसमें अकाली दल के समर्थन में मतदान कर संगत ने दिया था।