न्यायालय राज्य आयुक्त नि:शक्त जन हरियाणा चंडीगढ़ ने मंगलवार को उत्तर व दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के मैनेजिंग डायरेक्टर को कोर्ट में दिव्यांग कर्मचारियों का रिकॉर्ड प्रस्तुत न करने पर 25-25 हजार रुपये का और एचपीजीसीएल व एचवीपीएन के एमडी को 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
उल्लेखनीय है कि निगम के दिव्यांग अधिकारी और कर्मचारियों ने अधिवक्ता के द्वारा न्यायालय के समक्ष याचिका दायर की थी कि निगम पिछले चार सालों से दिव्यांग कर्मचारियों को दिव्यांग कोर्ट में वैकेंसी आधार पर प्रमोशन का लाभ नहीं दे रहा है। जिससे हताश होकर निगम के कर्मचारियों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसमें कोर्ट ने 18 अगस्त 2021 तक वैकेंसी आधार पर कर्मचारियों का बैकलॉग निकालकर उनको लाभ देने का आदेश दिया। न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए कहा कि निगम के अधिकारी जानबूझकर कर्मचारियों को इनका लाभ देने से वंचित कर रहे हैं। न्यायालय ने कर्मचारियों को 1 जनवरी 1996 से लाभ देने का आदेश दिया है।