कुरुक्षेत्र। इतिहासकारों को सम्मानित करते स्वामी ज्ञानानंद,व साथ में कुलपति प्रो सोमनाथ सचदेवा
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में चार इतिहासकारों को विश्वविद्यालय की ओर से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय इतिहास रत्न अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह अवार्ड इतिहास और संस्कृति के क्षेत्र में योगदान देने के लिए दिया गया। सम्मेलन के दौरान प्रख्यात इतिहासकार पद्मश्री प्रो. डॉ. रघुवेंद्र तंवर, जो वर्तमान में भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद आईसीएचआर, नई दिल्ली के अध्यक्ष हैं, उनको इतिहास रत्न अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें इतिहास के क्षेत्र में उनके दीर्घकालीन शोध, अकादमिक नेतृत्व और भारतीय इतिहास की प्रामाणिक व्याख्या के लिए किए गए प्रयासों के लिए प्रदान किया गया। प्रो. ईश्वर शरण विश्वकर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना, नई दिल्ली, प्रो. कुलदीप चंद अग्निहोत्री, उपाध्यक्ष हरियाणा साहित्य व संस्कृति अकादमी, पंचकूला, और प्रसिद्ध इतिहास प्रो. देवेंद्र हांडा जिन्होंने आर्कियोलॉजी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण शोध किए हैं। उन्होंने भारत के सिक्कों के डॉक्यूमेंटेशन के माध्यम से भारत के इतिहास को पुनर्जीवित किया है। इनको भी भारतीय संस्कृति के अध्ययन-अनुसंधान में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए इतिहास रत्न अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
कुरुक्षेत्र। इतिहासकारों को सम्मानित करते स्वामी ज्ञानानंद,व साथ में कुलपति प्रो सोमनाथ सचदेवा